ह्यूस्टन: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नीदरलैंड्स के मुख्य कोच रोनाल्ड कोएमन ने जापान के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ होने के बाद अपनी रणनीति और बदलावों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। अब डच टीम के सामने स्वीडन के खिलाफ ग्रुप एफ का बेहद अहम मुकाबला है, जहां जीत उनके नॉकआउट दौर की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है।
नीदरलैंड्स ने अपने पहले मैच में जापान के खिलाफ बढ़त बना ली थी, लेकिन 89वें मिनट में गोल खाकर मुकाबला 2-2 से ड्रॉ करा दिया। इस नतीजे के बाद टीम और कोच दोनों की आलोचना हुई।
कोएमन बोले- बदलावों का असर सकारात्मक नहीं रहा
मैच से पहले मीडिया से बातचीत में कोएमन ने माना कि उनकी ओर से किए गए सब्स्टीट्यूशन टीम के लिए फायदेमंद साबित नहीं हुए।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले मैं यह स्वीकार करता हूं कि मैच में किए गए बदलावों का प्रभाव सकारात्मक नहीं रहा और इसकी जिम्मेदारी मेरी है। मैं आलोचना स्वीकार करता हूं। यह कोई समस्या नहीं है। मैंने अपने स्टाफ के साथ चर्चा के बाद निर्णय लिया था।"
कोएमन ने बताया कि टीम को आगे बढ़कर दबाव बनाना चाहिए था, लेकिन खिलाड़ी ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि इस संदेश को खिलाड़ियों तक स्पष्ट रूप से पहुंचाया जाएगा।
स्वीडन से मिलेगी कड़ी चुनौती
नीदरलैंड्स के लिए अगला मुकाबला स्वीडन के खिलाफ है, जिसने अपने पहले मैच में ट्यूनीशिया को 5-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी।
स्वीडन के स्टार स्ट्राइकर विक्टर ग्योकेरेस और अलेक्जेंडर इसाक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल दागे थे और विपक्षी रक्षा पंक्ति को लगातार परेशान किया था।
कोएमन ने कहा, "वे तेज, ताकतवर और गोल करने में सक्षम खिलाड़ी हैं। हम उन पर विशेष ध्यान देंगे, लेकिन केवल दो खिलाड़ियों पर नहीं बल्कि पूरी स्वीडिश टीम पर फोकस करना होगा क्योंकि उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।"
क्विंटन टिम्बर मैच से बाहर
नीदरलैंड्स को इस मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। डिफेंडर क्विंटन टिम्बर ट्रेनिंग के दौरान अपने साथी खिलाड़ी ट्यून कूपमाइनर्स से टकरा गए थे, जिसके कारण उन्हें हल्का कन्कशन (सिर में चोट) हुआ है।
कोएमन ने पुष्टि करते हुए कहा कि टिम्बर स्वीडन के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे। हालांकि उम्मीद है कि अगले मैच तक वह फिट हो जाएंगे।
फ्रेंकी डी जोंग की फिटनेस पर सवाल
डच टीम के स्टार मिडफील्डर फ्रेंकी डी जोंग की फिटनेस भी चिंता का विषय बनी हुई है। उन्हें पेट के निचले हिस्से में परेशानी है और वह पूरी तरह फिट नहीं हैं।
कोएमन ने कहा, "फ्रेंकी को शारीरिक रूप से कुछ मामूली दिक्कतें हैं। उन्होंने अभ्यास किया है, लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि वह मैच के लिए उपलब्ध होंगे या नहीं। उनकी स्थिति पर अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जाएगा।"
डी जोंग पर भरोसा बरकरार
हालांकि कोएमन ने यह भी साफ कर दिया कि डी जोंग की टीम में जगह को लेकर कोई सवाल नहीं है।
उन्होंने कहा, "मैंने फ्रेंकी से मैच के बाद बात की थी। वह बहुत सी चीजें सही कर रहे हैं। सामरिक रूप से वह बेहद समझदार खिलाड़ी हैं। हां, आक्रमण के समय उन्हें थोड़ा और आगे बढ़कर खेलना चाहिए क्योंकि उनकी गति टीम के लिए काफी उपयोगी हो सकती है। लेकिन उन्हें टीम से बाहर करने की बात करना बिल्कुल गलत होगा।"
मेम्फिस डेपाय से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
नीदरलैंड्स के सर्वकालिक शीर्ष गोलस्कोरर मेम्फिस डेपाय भी अभी पूरी लय में नजर नहीं आए हैं। जांघ की चोट से उबर रहे डेपाय जापान के खिलाफ बेंच से उतरे थे लेकिन ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ सके।
कोएमन को उम्मीद है कि स्वीडन के खिलाफ डेपाय बेहतर प्रदर्शन करेंगे और टीम के आक्रमण को मजबूती देंगे।
ग्रुप एफ में बढ़ा रोमांच
ग्रुप एफ की अंक तालिका पर नजर डालें तो स्वीडन अपने पहले मैच की बड़ी जीत के बाद शीर्ष पर है, जबकि नीदरलैंड्स के खाते में सिर्फ एक अंक है। ऐसे में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगर नीदरलैंड्स जीत दर्ज करता है तो नॉकआउट चरण की राह आसान हो जाएगी, जबकि हार या ड्रॉ की स्थिति में अंतिम ग्रुप मैच का दबाव काफी बढ़ सकता है।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब सभी की नजरें इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर हैं, जहां दो यूरोपीय दिग्गज टीमें महत्वपूर्ण अंक हासिल करने के लिए आमने-सामने होंगी।

