FIFA World Cup 2026 के बीच न्यूजीलैंड फुटबॉल टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख मिडफील्डर मैट गार्बेट (Matt Garbett) हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। यह खबर न्यूजीलैंड के लिए किसी बड़े नुकसान से कम नहीं है, क्योंकि गार्बेट टीम के मिडफील्ड की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक माने जाते हैं।
न्यूजीलैंड फुटबॉल फेडरेशन ने आधिकारिक बयान जारी कर गार्बेट के विश्व कप से बाहर होने की पुष्टि की। टीम प्रबंधन के अनुसार, गार्बेट को ग्रुप-जी के पहले मुकाबले से पहले प्रशिक्षण सत्र के दौरान हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद मेडिकल जांच में साफ हो गया कि वह टूर्नामेंट के बाकी मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
टीम ने जताया दुख
न्यूजीलैंड फुटबॉल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि पूरी टीम इस कठिन समय में मैट गार्बेट के साथ खड़ी है। टीम ने कहा कि खिलाड़ी का टूर्नामेंट से बाहर होना बेहद निराशाजनक है और सभी खिलाड़ी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
टीम के बयान में कहा गया कि गार्बेट ने विश्व कप की तैयारी के दौरान कड़ी मेहनत की थी और उनका बाहर होना टीम के लिए भावनात्मक और खेल दोनों दृष्टि से बड़ा नुकसान है।
लोगन रोजर्सन को मिला मौका
गार्बेट की जगह ऑकलैंड एफसी के फॉरवर्ड लोगन रोजर्सन को टीम में शामिल किया गया है। न्यूजीलैंड टीम प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से रोजर्सन को विश्व कप स्क्वाड में बुलाया है ताकि टीम के विकल्प मजबूत बने रहें।
रोजर्सन ने टीम में शामिल होने पर खुशी और दुख दोनों भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि मैट गार्बेट उनके बेहद करीबी दोस्त हैं और उन्हें इस स्थिति में देखकर दुख हो रहा है। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर खेलने का मौका मिलने को लेकर वह उत्साहित भी हैं।
उन्होंने कहा कि यह उनके करियर का सबसे बड़ा अवसर है और वह टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश करेंगे।
इंग्लैंड में खेलते हैं गार्बेट
मैट गार्बेट फिलहाल इंग्लैंड के क्लब पीटरबरो यूनाइटेड के लिए खेलते हैं। वह न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य हैं और पिछले कुछ वर्षों में टीम के मिडफील्ड को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
उनकी गेंद पर पकड़, पासिंग क्षमता और मैच की गति को नियंत्रित करने की कला उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बनाती है। ऐसे में विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उनका बाहर होना न्यूजीलैंड के लिए रणनीतिक रूप से भी बड़ा झटका माना जा रहा है।
ईरान के खिलाफ ड्रॉ रहा पहला मुकाबला
न्यूजीलैंड ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत ईरान के खिलाफ रोमांचक मुकाबले से की। दोनों टीमों के बीच खेला गया मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
न्यूजीलैंड ने मुकाबले में दो बार बढ़त हासिल की, लेकिन ईरान ने दोनों बार वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर लिया। इस ड्रॉ के साथ दोनों टीमों ने अपने अभियान की शुरुआत एक-एक अंक के साथ की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गार्बेट उपलब्ध होते तो टीम को मिडफील्ड में और अधिक संतुलन मिल सकता था।
अब मिस्र से होगी टक्कर
विश्व कप में न्यूजीलैंड का अगला मुकाबला 21 जून को मिस्र के खिलाफ खेला जाएगा। यह मैच दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नॉकआउट चरण की दौड़ में बने रहने के लिए जीत जरूरी होगी।
गार्बेट की अनुपस्थिति में अब टीम की जिम्मेदारी अनुभवी खिलाड़ियों और नए शामिल किए गए लोगन रोजर्सन पर होगी। कोचिंग स्टाफ उम्मीद कर रहा है कि टीम इस झटके से जल्दी उबरकर अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
विश्व कप अभियान पर असर
किसी भी बड़े टूर्नामेंट में प्रमुख खिलाड़ी की चोट टीम की योजनाओं को प्रभावित करती है और न्यूजीलैंड के साथ भी यही स्थिति है। गार्बेट के बाहर होने से टीम के मिडफील्ड संयोजन में बदलाव करना पड़ेगा।
हालांकि टीम प्रबंधन का मानना है कि स्क्वाड में मौजूद अन्य खिलाड़ी इस कमी को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड इस चुनौती का सामना कैसे करता है और विश्व कप 2026 में आगे का सफर किस तरह तय करता है।

