नई दिल्ली: देशभर में मानसून अब एक बार फिर रफ्तार पकड़ता दिखाई दे रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, मेघालय, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, गोवा समेत 15 से अधिक राज्यों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से धीमी गति से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब दोबारा सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में उत्तर भारत के बड़े हिस्से को कवर कर सकता है। इसके चलते दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, गोवा, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बिहार और बंगाल में बढ़ सकता है बाढ़ का खतरा
बिहार और पश्चिम बंगाल में पहले से ही कई नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों तक लगातार भारी बारिश जारी रहती है तो उत्तर बिहार और दक्षिण बंगाल के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
राज्य प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
महाराष्ट्र में फिर सक्रिय हुआ मानसून
करीब दो सप्ताह तक कमजोर रहने के बाद महाराष्ट्र में मानसून ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। मुंबई, पुणे, ठाणे, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में बादलों की सक्रियता बढ़ गई है।
मुंबई में सोमवार से ही कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं के मजबूत होने से महाराष्ट्र में मानसून की गतिविधियां तेज हुई हैं।
दिल्ली में मिलेगी गर्मी से राहत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव राजधानी को भीषण गर्मी से राहत दिला सकता है और मानसून की एंट्री का रास्ता साफ कर सकता है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि बारिश के बाद इसमें 2 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अभी तक मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है।
लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि 23 जून से 5 जुलाई के बीच मानसून प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो सकता है। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर और बरेली समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर अच्छी बारिश होती है तो धान की रोपाई और खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।
क्यों महत्वपूर्ण हैं अगले 48 घंटे?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों से नमी वाली हवाएं मजबूत हो रही हैं। यही वजह है कि मानसूनी गतिविधियों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है।
अगले 48 घंटे इसलिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं क्योंकि इसी दौरान मानसून मध्य भारत और उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
यदि यह स्थिति बनी रहती है तो जुलाई की शुरुआत तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
किसानों के लिए राहत की खबर
देश के कई राज्यों में किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई क्षेत्रों में धान की रोपाई प्रभावित हो रही थी।
मौसम विभाग के नए अनुमान से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त बारिश होने पर जलाशयों का जलस्तर बढ़ेगा और सिंचाई की समस्या भी कम होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बारिश होने से खाद्यान्न उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश और आंधी-तूफान के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर खड़े न रहें।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की गई है।
क्या कहता है IMD का ताजा अनुमान?
आईएमडी के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के पहले सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज की जा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून इसी गति से आगे बढ़ता रहा तो जून में हुई वर्षा की कमी की काफी हद तक भरपाई संभव हो सकती है।
फिलहाल पूरे देश की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं और आने वाले 48 घंटे यह तय करेंगे कि मानसून कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और किन राज्यों को सबसे ज्यादा राहत मिलती है।

