नई दिल्ली: अगर आप भी पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी, उमस और चिलचिलाती धूप से परेशान हैं तो आपके लिए राहत भरी खबर है। IMD Monsoon Alert के मुताबिक अब उत्तर और मध्य भारत में मानसून की रफ्तार तेज होने जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि अगले 5 से 6 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में झमाझम बारिश शुरू हो सकती है। इसके साथ ही तापमान में बड़ी गिरावट आने और लोगों को जानलेवा गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी जरूर रही, लेकिन अब मौसम का पूरा पैटर्न बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिलने के कारण बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई इलाकों में तेज हवा, गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को मिलने वाली है जो पिछले एक हफ्ते से 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान और दमघोंटू उमस का सामना कर रहे हैं। दिल्ली में महसूस किया जाने वाला तापमान कई जगह 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, जबकि उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था।
जून में क्यों नहीं पहुंच पाया मानसून?
इस साल जून के महीने में मानसून ने शुरुआत तो समय पर की, लेकिन उसके बाद उसकी रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जून में देश के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। इसका सबसे बड़ा असर उत्तर भारत पर देखने को मिला, जहां लगातार हीटवेव और उमस बनी रही।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से आने वाली गर्म और शुष्क पछुआ हवाओं ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी वजह से मानसून कई दिनों तक लगभग एक ही जगह ठहर गया और उत्तर भारत में बारिश का इंतजार लंबा होता चला गया।
अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में एक नया Western Disturbance सक्रिय होगा। इसके साथ बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र मानसून को नई ताकत देगा। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां अचानक बढ़ सकती हैं।
IMD ने क्यों कहा, अगले 5 दिन बेहद महत्वपूर्ण?
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिन पूरे उत्तर भारत के मौसम की दिशा तय करेंगे। अगर अनुमान के मुताबिक मानसून तेजी से आगे बढ़ता है तो दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि खरीफ फसलों की बुवाई में भी तेजी आएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी बारिश होने से भूजल स्तर सुधरेगा, जलाशयों में पानी बढ़ेगा और किसानों को धान, मक्का, सोयाबीन समेत कई खरीफ फसलों की खेती में फायदा मिलेगा। हालांकि लगातार भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है, इसलिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में कब पहुंचेगा मानसून?
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों को सबसे ज्यादा इंतजार मानसून का है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी जबकि 2 और 3 जुलाई के दौरान तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो सकती है। इसके बाद 3 से 4 जुलाई के बीच मानसून के दिल्ली-एनसीआर में पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश शुरू होने के बाद अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे कई दिनों से चल रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
अगर बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां मौसम सबसे तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। UP Weather News के अनुसार पूर्वांचल से मानसून को नई रफ्तार मिलने के बाद यह धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा। मौसम विभाग ने कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और प्रयागराज में अगले 48 घंटों के दौरान अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मानसून सक्रिय हो सकता है।
IMD ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। तेज हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए किसानों और खुले मैदान में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बिहार में फिर तेज होगा मानसून
बिहार में मानसून समय पर पहुंच गया था लेकिन बाद में इसकी रफ्तार कमजोर पड़ गई थी। अब मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम का सबसे ज्यादा असर बिहार पर देखने को मिलेगा।
पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है। नेपाल से सटे इलाकों में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होती है तो उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
राजस्थान में भी बदलेगा मौसम का मिजाज
राजस्थान के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिला। लेकिन अब मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में मानसून तेजी से सक्रिय होने जा रहा है।
कोटा, उदयपुर, झालावाड़, बांसवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में सबसे पहले अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, जोधपुर और आसपास के इलाकों में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
बारिश शुरू होने के बाद तापमान में बड़ी गिरावट आने का अनुमान है। लंबे समय से सूखे जैसे हालात झेल रहे कई जिलों के किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में पूरे राज्य में फैलेगा मानसून
MP Weather Update के अनुसार वर्तमान में मानसून राज्य के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है, लेकिन अगले कुछ दिनों में यह पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने से नर्मदा, ताप्ती और अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में सुधार होगा। इससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और खरीफ सीजन की बुवाई को गति मिलेगी।
किसानों के लिए क्यों बेहद अहम है जुलाई का पहला सप्ताह?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई का पहला सप्ताह केवल मौसम बदलने का संकेत नहीं है, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत में खरीफ फसलों की बुवाई का सबसे अहम समय यही होता है। अगर इस दौरान अच्छी बारिश होती है तो धान, मक्का, सोयाबीन, बाजरा, कपास और दालों की बुवाई तेजी से आगे बढ़ेगी।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था पहले से कर लें। शुरुआती दौर में कई जगह भारी बारिश हो सकती है, जिससे खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। जिन किसानों ने अभी तक बुवाई शुरू नहीं की है, वे स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार ही खेतों में काम शुरू करें।
बिजली गिरने और तेज आंधी के दौरान क्या करें?
मानसून की शुरुआत के साथ ही कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। हर साल देश में बड़ी संख्या में लोग बिजली गिरने की चपेट में आ जाते हैं। मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- गरज-चमक शुरू होते ही खुले मैदान से तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- पेड़, बिजली के खंभे और टावर के नीचे खड़े होने से बचें।
- बारिश के दौरान खेतों में काम न करें।
- मोबाइल चार्जिंग और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें।
- जरूरत न हो तो खराब मौसम में यात्रा करने से बचें।
पहाड़ी राज्यों के लिए भी अलर्ट
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी है।
नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। भारी बारिश के दौरान कई सड़कें बंद हो सकती हैं, इसलिए प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करना जरूरी होगा।
क्या खत्म हो जाएगी हीटवेव?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे मानसून उत्तर भारत में सक्रिय होगा, वैसे-वैसे हीटवेव का असर कम होता जाएगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि जहां बारिश नहीं होगी, वहां उमस कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। इसलिए लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और मौसम विभाग की अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
अगले 5-6 दिनों का मौसम क्यों रहेगा सबसे अहम?
अगले कुछ दिन पूरे उत्तर भारत के मौसम की दिशा तय करेंगे। अगर मानसून अनुमान के मुताबिक आगे बढ़ता है तो करोड़ों लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, जलाशयों में पानी बढ़ेगा और किसानों की खेती को नई रफ्तार मिलेगी। दूसरी तरफ जिन इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश होगी वहां प्रशासन को जलभराव, शहरी बाढ़ और बिजली गिरने जैसी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राज्यों को समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक जानकारी और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर भरोसा करें।
निष्कर्ष
IMD Monsoon Alert के अनुसार आने वाले 5 से 6 दिन उत्तर और मध्य भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ-साथ किसानों, जलाशयों और देश की कृषि व्यवस्था को भी बड़ा फायदा होगा। मौसम से जुड़ी हर ताजा अपडेट के लिए JanDrishti Today के साथ जुड़े रहें।

