तबाही की बारिश: मुंबई की थमी रफ्तार, केरल के 4 जिलों में बाढ़ का तांडव, पश्चिमी और दक्षिणी भारत में बारिश का कहर, IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट

Praveen Yadav
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नई दिल्ली: एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्य अभी भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश का पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सा लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जूझ रहा है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, उसके आसपास के जिले, केरल, गोवा और तटीय कर्नाटक में बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं और कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।

मुंबई / तिरुवनंतपुरम / पणजी | 30 जून 2026

नई दिल्ली: एक तरफ उत्तर भारत के कई राज्य अभी भी मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश का पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सा लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जूझ रहा है। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई, उसके आसपास के जिले, केरल, गोवा और तटीय कर्नाटक में बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं, नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं और कई जगहों पर भूस्खलन का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र और केरल के कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 से 72 घंटे इन राज्यों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं क्योंकि भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से केवल जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।


मुंबई में बारिश ने रोकी मायानगरी की रफ्तार

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 24 घंटे के भीतर 220 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।


अंधेरी, सायन, किंग सर्कल, दादर, कुर्ला, चेंबूर और कई अन्य इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं। लोगों को दफ्तर पहुंचने में घंटों का समय लग रहा है जबकि कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए। नगर निगम की टीमें लगातार पानी निकालने का काम कर रही हैं लेकिन बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है।


अंधेरी सबवे फिर बना मुसीबत की वजह

हर मानसून की तरह इस बार भी अंधेरी सबवे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। करीब चार से पांच फीट तक पानी भर जाने के बाद पुलिस ने एहतियातन इसे पूरी तरह बंद कर दिया। यातायात को दूसरे मार्गों पर डायवर्ट किया गया जिससे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर लंबा जाम लग गया।


सायन और किंग सर्कल जैसे इलाकों में भी पानी घुटनों से ऊपर तक पहुंच गया। कई दुपहिया वाहन बीच सड़क पर बंद हो गए जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


मुंबई लोकल ट्रेन सेवा भी प्रभावित

मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा भी इस भारी बारिश से प्रभावित हुई। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइन पर कई जगह पटरियों पर पानी भर जाने के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी। अधिकांश ट्रेनें 20 से 30 मिनट की देरी से चलीं, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।


रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की आवाजाही में बदलाव किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक अपडेट जरूर देखें।


सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम

बारिश के कारण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर कई स्थानों पर पानी भर गया। इसके चलते सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही।


BEST की कई बस सेवाओं के रूट में बदलाव किया गया जबकि कुछ रूटों पर बस सेवा अस्थायी रूप से रोकनी पड़ी। प्रशासन लगातार लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने की अपील कर रहा है।


मुंबई के आसपास के जिलों में भी बिगड़े हालात

मुंबई के अलावा ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में भी लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


ठाणे, पालघर और रायगढ़ में भी बारिश का कहर, कई इलाकों का संपर्क टूटा

मुंबई के साथ-साथ उसके आसपास के जिलों ठाणे, पालघर और रायगढ़ में भी लगातार हो रही बारिश ने हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में छोटे पुलों और नालों के ऊपर से पानी बहने के कारण लोगों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।


ठाणे में घरों और सोसायटियों तक पहुंचा पानी

ठाणे शहर, कल्याण, डोंबिवली और भिवंडी के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला। कई आवासीय सोसायटियों के ग्राउंड फ्लोर तक पानी पहुंच गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पार्किंग में खड़ी कई कारें और दोपहिया वाहन पानी में डूब गए। नगर निगम की टीमें लगातार पंपों की मदद से पानी निकालने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।


स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।


पालघर के कई गांवों का संपर्क प्रभावित

पालघर जिले के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण कई छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे गांवों को जोड़ने वाले कई पुल पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है।


कुछ गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन नावों और विशेष वाहनों की मदद ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी संभावित बीमारियों से बचाव के लिए सक्रिय कर दी गई हैं।


रायगढ़ में भूस्खलन का खतरा बढ़ा

रायगढ़ जिले में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है। महाड, पोलादपुर और पहाड़ी इलाकों में कई स्थानों पर मिट्टी और पत्थर खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं। मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी प्रशासन ने अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।


राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। लोगों से पहाड़ी इलाकों की अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।


केरल में बाढ़ जैसे हालात, चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट

दक्षिण भारत के राज्य केरल में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 से 48 घंटों में इन इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।


इसके अलावा मलप्पुरम, त्रिशूर और इडुक्की समेत कई जिलों में भी लगातार तेज बारिश दर्ज की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।


उफान पर नदियां, बढ़ा बांधों का जलस्तर

लगातार बारिश के कारण केरल की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पेरियार, भरतपुझा और पम्बा जैसी नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी हैं। वहीं इडुक्की और मुल्लापेरियार बांध के जलग्रहण क्षेत्रों में भी भारी बारिश होने से जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।


जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहता है तो अतिरिक्त पानी छोड़ने का फैसला लिया जा सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।


वायनाड में भूस्खलन का खतरा

केरल के पहाड़ी जिले वायनाड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई पहाड़ी रास्तों पर मिट्टी खिसकने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों को राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया है।


राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।


गोवा और तटीय कर्नाटक में भी भारी बारिश, समुद्र किनारे बढ़ा खतरा

मुंबई और केरल के अलावा गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। लगातार कई दिनों से हो रही बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं, कई समुद्री तटों पर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है और मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।


गोवा में पर्यटन पर असर

देश के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल गोवा इस समय भारी बारिश की चपेट में है। राजधानी पणजी, मडगांव, वास्को, मापुसा और आसपास के कई इलाकों में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई है। कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


मांडवी और जुआरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। समुद्र में ऊंची लहरों को देखते हुए कई बीचों पर रेड फ्लैग लगाया गया है और पर्यटकों से समुद्र में उतरने से बचने की अपील की गई है। होटल और पर्यटन विभाग भी लगातार मौसम की निगरानी कर रहे हैं।


तटीय कर्नाटक में लगातार बारिश

कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में भी पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश जारी है। मंगलुरु, उडुपी और कारवार समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई छोटी नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है।


समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण तटीय कटाव (Sea Erosion) की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कई समुद्र किनारे बने घरों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को एहतियातन बंद रखने का फैसला लिया है।


इतनी तेज बारिश क्यों हो रही है? जानिए वैज्ञानिक कारण

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार पश्चिमी तट पर हो रही अत्यधिक बारिश के पीछे कई मौसमीय कारण एक साथ काम कर रहे हैं। अरब सागर के ऊपर बना मजबूत ऑफ-शोर ट्रफ (Off-shore Trough) गुजरात तट से लेकर केरल तट तक सक्रिय है। यही सिस्टम समुद्र से बड़ी मात्रा में नमी खींचकर लगातार बादलों का निर्माण कर रहा है।


इसके अलावा अरब सागर का सतही तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण बादलों में नमी की मात्रा भी बढ़ गई है। इसी वजह से कम समय में बहुत ज्यादा बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण भी ऐसी अत्यधिक वर्षा की घटनाएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं।


NDRF और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। महाराष्ट्र और केरल के संवेदनशील जिलों में कई रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी गई हैं।


मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपने सभी कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय कर दिए हैं। शहर में जलभराव कम करने के लिए हाई-कैपेसिटी पंप लगातार चलाए जा रहे हैं। वहीं केरल में राहत शिविरों की संख्या बढ़ाई गई है और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।


IMD की एडवाइजरी: अगले कुछ दिन रहें बेहद सतर्क

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग भूस्खलन की चेतावनियों पर विशेष ध्यान दें। समुद्र किनारे रहने वाले लोगों और मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।


इसके अलावा बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। वाहन चालकों को जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।


निष्कर्ष

देश के पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में मानसून इस समय अपने सबसे आक्रामक रूप में दिखाई दे रहा है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, गोवा, केरल और तटीय कर्नाटक में अगले कुछ दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। जहां एक ओर यह बारिश जल संकट से राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मौसम से जुड़ी हर बड़ी और सटीक अपडेट के लिए JanDrishti Today के साथ जुड़े रहें।

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