दांबुला: श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन ए सीरीज 2026 के चौथे मुकाबले में भारत ए को बेहद नाटकीय परिस्थितियों में हार का सामना करना पड़ा। रंगीरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दोनों टीमों ने 50 ओवर में 265-265 रन बनाए, जिसके बाद मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ। सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने भारत ए को 17 रन का लक्ष्य दिया और अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया।
हालांकि मैच का अंत केवल रोमांचक ही नहीं बल्कि विवादों से भी भरा रहा। सुपर ओवर के बाद भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसने पूरे मुकाबले की चर्चा को और बढ़ा दिया।
सुपर ओवर में फिसला भारत ए का कदम
श्रीलंका ए ने सुपर ओवर में 16 रन बनाए। आखिरी गेंद पर हाई फुलटॉस को लेकर नो-बॉल का विवाद भी खड़ा हुआ, जिससे भारतीय खिलाड़ी काफी नाराज नजर आए।
17 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत ए की ओर से सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी बल्लेबाजी करने आए। लेकिन श्रीलंका के गेंदबाज कुगाथस माथुलन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
भारत ए सुपर ओवर में केवल 9 रन ही बना सकी और 7 रन से मुकाबला हार गई।
मैच के बाद मैदान पर हुआ विवाद
हार के बाद जब भारतीय खिलाड़ी पवेलियन की ओर लौट रहे थे, तभी श्रीलंका ए के कुछ खिलाड़ियों द्वारा कथित तौर पर की गई टिप्पणियों ने माहौल गर्म कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शी रिपोर्टों के अनुसार, श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे ने भारतीय खिलाड़ियों की ओर देखते हुए कुछ कहा और ताली बजाकर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद सूर्यांश शेडगे पीछे मुड़कर देखने लगे और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपने साथी का समर्थन करने आगे आए और कथित तौर पर श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का देते दिखाई दिए। मामला बढ़ता देख अनुभवी विकेटकीपर निरोशन डिकवेला और कप्तान सहान अरच्चिगे ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत कराया।
अंधेरे में खेला गया सुपर ओवर, अंपायरिंग पर भी सवाल
मैच के दौरान अंपायरिंग को लेकर भी विवाद सामने आया। मुकाबला टाई होने के बाद भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने सुपर ओवर कराने के फैसले पर अंपायरों से लंबी चर्चा की।
सुपर ओवर के दौरान वाइड और नो-बॉल के फैसलों को लेकर भी भारतीय खिलाड़ी असंतुष्ट नजर आए। लगातार बढ़ते अंधेरे के बावजूद खेल जारी रखा गया, जिस पर भी सवाल उठे।
सूर्यांश और विपराज ने भारत को संकट से निकाला
भारत ए की पारी एक समय 143 रन पर 7 विकेट खोकर संकट में थी। लेकिन सूर्यांश शेडगे और विपराज निगम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी की और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
इसके बावजूद टीम को स्लो ओवर रेट और अन्य कारणों से मिले दो पेनल्टी के चलते 10 रन की सजा झेलनी पड़ी, जो अंत में निर्णायक साबित हुई।
सदीरा समरविक्रमा बने जीत के नायक
श्रीलंका ए की ओर से सदीरा समरविक्रमा ने शानदार 93 रन की पारी खेली। उन्होंने मुश्किल पिच पर एक छोर संभाले रखा और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
मैच के बाद समरविक्रमा ने कहा कि विकेट दो गति वाला था और बल्लेबाजी आसान नहीं थी, लेकिन टीम को अपनी गहराई पर भरोसा था।
कप्तानों ने क्या कहा?
श्रीलंका ए कप्तान सहान अरच्चिगे: "यह शानदार जीत है। सदीरा ने बेहतरीन बल्लेबाजी की और गेंदबाजों ने अपना काम किया। अब हम अगले मैच को भी सामान्य मुकाबले की तरह लेकर जीत की कोशिश करेंगे।"
भारत ए कप्तान तिलक वर्मा: "मुकाबला बेहद करीबी था। दुर्भाग्य से हम सुपर ओवर में हार गए। सूर्यांश और विपराज की साझेदारी शानदार रही। गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, खासकर स्पिनरों और डेथ ओवरों में अर्शद खान ने।"
फाइनल की दौड़ में भारत ए पर दबाव
इस हार के साथ भारत ए की फाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। अब टीम के लिए अफगानिस्तान ए के खिलाफ अगला मुकाबला 'करो या मरो' जैसा बन गया है। दूसरी ओर श्रीलंका ए की टीम लगभग फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है।

