नई दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने शुक्रवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में दूसरे IOA एथलीट्स फोरम 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के 30 से अधिक राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) से जुड़े 75 से ज्यादा वर्तमान और पूर्व खिलाड़ियों ने भाग लिया।
यह फोरम खिलाड़ियों के सीखने, संवाद और करियर विकास के लिए आयोजित किया गया था। इसी दौरान IOA और नीरज चोपड़ा फाउंडेशन (NCF) ने मिलकर देशव्यापी ‘क्लीन स्पोर्ट कैंपेन’ की भी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों में एंटी-डोपिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
खिलाड़ियों को करियर और व्यक्तित्व विकास की मिली जानकारी
फोरम के दौरान खिलाड़ियों के लिए कई विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। इसमें कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की एलेन बारवाइज और मेलोडी कूपर ने सेल्फ डिस्कवरी और पर्सनल ब्रांडिंग पर मास्टरक्लास दी।
इसके अलावा खिलाड़ियों को करियर के विभिन्न विकल्पों, प्रोफाइल बिल्डिंग और नेटवर्किंग स्किल्स के बारे में भी जानकारी दी गई। लिंक्डइन और सिंपली स्पोर्ट फाउंडेशन जैसे संगठनों ने भी इन सत्रों में सहयोग किया।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल जीवन के बाद के अवसरों के लिए तैयार करना और उन्हें पेशेवर दुनिया की बेहतर समझ देना था।
क्लीन स्पोर्ट अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम का सबसे अहम हिस्सा IOA और नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के बीच शुरू किया गया क्लीन स्पोर्ट कैंपेन रहा। यह अभियान खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों, सप्लीमेंट्स के सुरक्षित इस्तेमाल और खेलों में ईमानदारी के महत्व के बारे में जागरूक करेगा।
फोरम में एक विशेष ‘क्लीन स्पोर्ट कैंपेन बूथ’ भी लगाया गया, जहां खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग से जुड़ी जानकारी और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
इसके अलावा IOC Athlete365 बूथ के जरिए खिलाड़ियों को उनके मानसिक स्वास्थ्य, करियर विकास और व्यक्तिगत कल्याण से जुड़ी जानकारी भी दी गई।
पीटी उषा ने खिलाड़ियों को बताया खेलों का केंद्र
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा कि एथलीट्स फोरम भारत में खिलाड़ियों को केंद्र में रखकर मजबूत खेल व्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सीखने, अपने अनुभव साझा करने और भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने का अवसर मिलना चाहिए।
पीटी उषा ने नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नीरज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं और उनके अनुभव से कई खिलाड़ी लाभ उठा सकेंगे।
नीरज चोपड़ा बोले, सफलता अनुशासन से मिलती है
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने कहा कि हर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है, लेकिन सफलता रातोंरात नहीं मिलती। इसके लिए वर्षों की मेहनत, अनुशासन और सही फैसलों की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि क्लीन स्पोर्ट सिर्फ नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को ऐसा सुरक्षित माहौल देना भी जरूरी है जहां वे सप्लीमेंट्स और प्रदर्शन के दबाव से जुड़े सवाल खुलकर पूछ सकें।
नीरज ने कहा कि इस अभियान के जरिए खिलाड़ियों को सही जानकारी मिलेगी और वे अनजाने में होने वाली डोपिंग गलतियों से बच सकेंगे।
शरत कमल ने बताई फोरम की खासियत
पूर्व भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी और इंटरनेशनल ओलंपियाड अकादमी के उपाध्यक्ष अचंता शरत कमल ने बताया कि इस फोरम का मुख्य फोकस खिलाड़ियों के करियर ट्रांजिशन पर है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को कोचिंग, खेल प्रशासन, उद्यमिता, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और स्पोर्ट्स साइंस जैसे क्षेत्रों में करियर के अवसरों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि नीरज चोपड़ा फाउंडेशन के साथ हुआ समझौता (MoU) खेलों में स्वच्छता और ईमानदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डिजिटल और जमीनी स्तर पर चलेगा अभियान
IOA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रघुराम अय्यर ने कहा कि खिलाड़ियों को सही जानकारी देना ही उन्हें डोपिंग जैसी समस्याओं से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने बताया कि यह अभियान डिजिटल लर्निंग टूल्स, कार्यशालाओं, खिलाड़ी-आधारित कहानियों और जमीनी स्तर के कार्यक्रमों के जरिए पूरे देश में चलाया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य सभी खेलों और सभी आयु वर्ग के खिलाड़ियों तक स्वच्छ खेल का संदेश पहुंचाना है।
खिलाड़ियों के समग्र विकास पर फोकस
दूसरा IOA एथलीट्स फोरम और क्लीन स्पोर्ट अभियान भारतीय ओलंपिक संघ की उस सोच को दर्शाता है, जिसके तहत खिलाड़ियों को सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी सफल बनाने की कोशिश की जा रही है।
IOA एथलीट्स आयोग के सहयोग से आयोजित यह फोरम खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व, कल्याण और समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
भारतीय ओलंपिक संघ ने कहा कि वह आगे भी खिलाड़ियों को बेहतर अवसर, सही मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, ताकि वे खेल जीवन के दौरान और उसके बाद भी सफलता हासिल कर सकें।

