IRFC OFS 2026: पहले ही दिन 1.86 गुना सब्सक्राइब हुआ ऑफर फॉर सेल, सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन किया लागू

Praveen Yadav
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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के शेयरों की बिक्री के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाया गया Offer For Sale (OFS) निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गया है। पहले ही दिन इस इश्यू को 1.86 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के शेयरों की बिक्री के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाया गया Offer For Sale (OFS) निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गया है। पहले ही दिन इस इश्यू को 1.86 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।


यह कदम सरकार के चल रहे विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम की जा रही है और आम निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।


पहले दिन ही निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स

निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि IRFC के OFS को पहले दिन ही अपेक्षा से अधिक प्रतिक्रिया मिली।


सरकार ने शुरुआत में कंपनी में अपनी 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी। साथ ही इसमें अतिरिक्त 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प (Green Shoe Option) भी रखा गया था। निवेशकों की भारी मांग को देखते हुए सरकार ने इस अतिरिक्त विकल्प को सक्रिय कर दिया है।


इसका मतलब है कि अब सरकार कुल 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकेगी।


क्या होता है ग्रीन शू ऑप्शन?

ग्रीन शू ऑप्शन एक ऐसा प्रावधान है जिसके जरिए यदि किसी शेयर बिक्री या OFS को उम्मीद से ज्यादा मांग मिलती है तो प्रमोटर या सरकार अतिरिक्त शेयर बेच सकती है।


इसका उद्देश्य निवेशकों की मांग को पूरा करना और बेहतर मूल्य प्राप्त करना होता है। IRFC के मामले में भी सरकार ने मजबूत निवेशक रुचि को देखते हुए यही कदम उठाया है।


गुरुवार को रिटेल निवेशकों को मौका

OFS के पहले दिन मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। अब 25 जून 2026 को रिटेल निवेशकों और पात्र कर्मचारियों के लिए बोली लगाने का अवसर उपलब्ध कराया गया है।


सरकार को उम्मीद है कि खुदरा निवेशकों की ओर से भी अच्छी भागीदारी देखने को मिलेगी।


शेयर बाजार में दबाव में रहा IRFC

हालांकि OFS को शानदार प्रतिक्रिया मिली, लेकिन शेयर बाजार में IRFC के शेयरों पर दबाव दिखाई दिया।


बुधवार को कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 92.50 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है।


विशेषज्ञों का मानना है कि OFS के दौरान अक्सर शेयरों पर अल्पकालिक दबाव देखा जाता है क्योंकि बाजार में अतिरिक्त शेयर उपलब्ध होने की संभावना रहती है।


सरकार के विनिवेश कार्यक्रम का अहम हिस्सा

केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करना, पूंजी जुटाना और कंपनियों में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाना है।


IRFC का OFS भी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।


सरकार को उम्मीद है कि इस हिस्सेदारी बिक्री से अच्छी रकम जुटाई जा सकेगी, जिसका उपयोग विभिन्न विकास परियोजनाओं और वित्तीय आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।


भारतीय रेलवे के लिए क्यों महत्वपूर्ण है IRFC?

IRFC भारतीय रेलवे की प्रमुख वित्तीय संस्था है। कंपनी रेलवे की नई परियोजनाओं, ट्रैक विस्तार, स्टेशन आधुनिकीकरण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों के लिए पूंजी जुटाने का काम करती है।


कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों से धन जुटाकर भारतीय रेलवे की वित्तीय जरूरतों को पूरा करती है। यही वजह है कि IRFC को रेलवे विकास की रीढ़ माना जाता है।


निवेशकों के लिए क्या संकेत?

IRFC OFS को पहले दिन मिली 1.86 गुना सब्सक्रिप्शन यह संकेत देती है कि निवेशकों का सरकारी कंपनियों और रेलवे सेक्टर में भरोसा बना हुआ है। हालांकि शेयर कीमत में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशक कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल और रेलवे क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।


निष्कर्ष

IRFC का OFS पहले ही दिन सफल साबित हुआ है। 1.86 गुना सब्सक्रिप्शन और ग्रीन शू ऑप्शन के इस्तेमाल से यह साफ है कि निवेशकों की रुचि मजबूत बनी हुई है। अब बाजार की नजर रिटेल निवेशकों की भागीदारी और OFS के अंतिम नतीजों पर रहेगी। भारतीय रेलवे की फंडिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली IRFC आने वाले समय में भी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी रह सकती है।

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