नई दिल्ली, 13 जून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 17 जून को फ्रांस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस ने शनिवार को इस बैठक की पुष्टि की है। दोनों नेताओं के बीच यह फरवरी 2025 के बाद पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी।
फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका का दौरा किया था। उस समय उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। अब दोनों नेता ऐसे समय में मिलने जा रहे हैं जब भारत और अमेरिका के संबंध कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा में हैं।
G7 सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्हें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आमंत्रित किया है।
इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान वैश्विक साझेदारी, आर्थिक विकास, व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी सम्मेलन के दौरान G7 देशों के नेताओं, साझेदार देशों और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
कई मुद्दों पर बढ़ी है भारत-अमेरिका के बीच चर्चा
पिछली मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद भारत और अमेरिका के संबंधों में कई नए मुद्दे सामने आए हैं। इनमें भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त शुल्क, रूस से भारत के तेल व्यापार और भारत-पाकिस्तान से जुड़े कुछ बयानों को लेकर चर्चा शामिल है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार दावा किया था कि उन्होंने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में भूमिका निभाई थी। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया और कहा कि यह मामला दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत का विषय है।
ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात में इन मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
भारतीय नाविकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ईरान से जुड़े तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है।
हाल ही में ओमान तट के पास कई तेल टैंकरों पर अमेरिकी हमले हुए थे। इनमें पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर "सेटेबेलो" पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।
इस घटना के बाद भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नागरिक जहाजों पर हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत में कहा था कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने प्रतिबंधों के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करेगा।
G7 सम्मेलन में ट्रंप की व्यस्त रहेंगी कई बैठकें
डोनाल्ड ट्रंप G7 सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इनमें मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, कतर के अमीर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शामिल हैं।
इसके अलावा ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ भी एक विशेष बैठक में भाग लेंगे।
सम्मेलन में आर्थिक विकास, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, अवैध प्रवासन, नशीले पदार्थों की तस्करी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी का दो देशों का दौरा 14 जून से शुरू होगा। सबसे पहले वे फ्रांस जाएंगे, जहां राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही वे "भारत इनोवेट्स" कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे। यह कार्यक्रम भारत और फ्रांस के स्टार्टअप्स, निवेशकों और नई तकनीक से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।
स्लोवाकिया में पीएम मोदी प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
दुनिया की नजर मोदी-ट्रंप मुलाकात पर
G7 सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी और ट्रंप की बैठक पर दुनिया की नजर रहेगी। व्यापार, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
— JanDrishti Today World Desk

