JanDrishti Today: व्हाइट हाउस में UFC फाइटर्स को मिली ट्रंप परिवार की क्रिप्टोकरेंसी, उठे हितों के टकराव के सवाल

Praveen Yadav
0
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने क्रिप्टो कारोबार को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला व्हाइट हाउस में आयोजित एक UFC कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां विजेता फाइटर्स को नकद डॉलर की जगह ट्रंप परिवार से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने क्रिप्टो कारोबार को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला व्हाइट हाउस में आयोजित एक UFC कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां विजेता फाइटर्स को नकद डॉलर की जगह ट्रंप परिवार से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।


रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में आयोजित UFC "Freedom 250" कार्यक्रम के दौरान जीतने वाले फाइटर्स को रिकॉर्ड बोनस दिया गया। हालांकि यह बोनस अमेरिकी डॉलर में नहीं बल्कि USD1 नामक स्टेबलकॉइन में दिया गया, जिसे ट्रंप परिवार से जुड़ी क्रिप्टो कंपनी World Liberty Financial संचालित करती है।


क्या है USD1 स्टेबलकॉइन?

USD1 एक स्टेबलकॉइन है, यानी ऐसी डिजिटल मुद्रा जिसकी कीमत अमेरिकी डॉलर से जुड़ी रहती है। इसे नकदी, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड और अन्य सुरक्षित वित्तीय संपत्तियों के जरिए समर्थित बताया जाता है।


World Liberty Financial इस स्टेबलकॉइन को जारी करती है। कंपनी को इससे बड़ा आर्थिक लाभ होता है क्योंकि स्टेबलकॉइन के पीछे रखी गई नकदी और सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज मिलता है।


हितों के टकराव पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने अमेरिका में नैतिकता और हितों के टकराव (Conflict of Interest) को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पूर्व व्हाइट हाउस एथिक्स वकील रिचर्ड पेंटर ने कहा कि यदि कोई सामान्य सरकारी अधिकारी ऐसी कंपनी से जुड़ा हो और फिर उसी कंपनी को फायदा पहुंचाने वाले सरकारी फैसलों में शामिल हो, तो यह गंभीर कानूनी मामला बन सकता है।


हालांकि अमेरिकी कानून में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सांसदों को कुछ विशेष छूट दी गई है। इसी वजह से ट्रंप पर वे नियम लागू नहीं होते जो अन्य सरकारी अधिकारियों पर लागू होते हैं।


2024 में शुरू हुई थी कंपनी

World Liberty Financial की स्थापना 2024 में ट्रंप परिवार और उनके करीबी व्यापारिक सहयोगियों द्वारा की गई थी। कंपनी के दस्तावेजों के अनुसार इसके संस्थापकों में डोनाल्ड ट्रंप, उनके तीन बेटे, मध्य पूर्व मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके बेटे शामिल थे।


हालांकि राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप और विटकॉफ को कंपनी की औपचारिक प्रबंधन टीम से हटा दिया गया था, लेकिन कंपनी से उनका जुड़ाव लगातार चर्चा में बना हुआ है।


57 मिलियन डॉलर से ज्यादा की कमाई

हाल ही में सार्वजनिक किए गए वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने World Liberty Financial के गवर्नेंस टोकन की बिक्री से 57.3 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की है।


वहीं USD1 स्टेबलकॉइन का बाजार भी तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसके जरिए अरबों डॉलर का कारोबार हो रहा है और कंपनी को हर साल करोड़ों डॉलर का राजस्व प्राप्त हो रहा है।


UFC और व्हाइट हाउस ने नहीं दिया जवाब

रिपोर्ट में कहा गया है कि UFC से यह पूछा गया था कि किन फाइटर्स को USD1 में भुगतान किया गया और उन्हें कितनी राशि मिली, लेकिन इस संबंध में कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया।


व्हाइट हाउस से भी यह सवाल पूछा गया कि क्या कार्यक्रम में ट्रंप परिवार से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को लेकर किसी संभावित हितों के टकराव की समीक्षा की गई थी। खबर लिखे जाने तक इस पर भी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।


राजनीति और क्रिप्टो का नया विवाद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं है। इससे राजनीति, सरकारी पद और निजी कारोबार के बीच संबंधों को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।


विपक्षी नेताओं और कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए किसी परिवार से जुड़ी वित्तीय परियोजना को इस तरह की सार्वजनिक पहचान मिलना सवाल खड़े करता है। वहीं समर्थकों का तर्क है कि ट्रंप कानूनी रूप से ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।


फिलहाल यह मुद्दा अमेरिका में राजनीतिक और वित्तीय दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बहस देखने को मिल सकती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*