JanDrishti Today: नागपुर में महिला ने लगाया जबरन धर्म परिवर्तन, दुष्कर्म और ब्लैकमेल का आरोप; वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया

Praveen Yadav
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महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें 24 वर्षीय विवाहित महिला ने एक व्यक्ति और उसके सहयोगियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन, आर्थिक उगाही और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें महिला कथित तौर पर एक व्यक्ति से खुद को छोड़ने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है।
नागपुर में बलात्कार, ब्लैकमेल और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों से संबंधित एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक महिला रिहाई की गुहार लगा रही है जबकि एक व्यक्ति धार्मिक मंत्रों का जाप कर रहा है।

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसमें 24 वर्षीय विवाहित महिला ने एक व्यक्ति और उसके सहयोगियों पर दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन धर्म परिवर्तन, आर्थिक उगाही और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें महिला कथित तौर पर एक व्यक्ति से खुद को छोड़ने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है।


वायरल वीडियो में एक व्यक्ति महिला के हाथ पकड़े हुए कुछ धार्मिक मंत्र या आयतें पढ़ता दिखाई देता है। वीडियो में महिला बार-बार कहती सुनाई देती है, “हाथ छोड़ो... छोड़ो ना...” और खुद को छुड़ाने की कोशिश करती नजर आती है। वीडियो में महिला स्पष्ट रूप से परेशान और असहज दिखाई दे रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।


पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदारे महिला का पूर्व स्कूल परिचित है। महिला का आरोप है कि आरोपी ने पहले उससे दोबारा संपर्क स्थापित किया और धीरे-धीरे विश्वास हासिल किया। शिकायत के मुताबिक आरोपी ने संपत्ति से जुड़े एक मामले में मदद करने का भरोसा देकर उसे अपने संपर्क में रखा।


एफआईआर के अनुसार फरवरी 2025 में आरोपी ने एक होटल में मुलाकात के दौरान महिला के पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला दिया। महिला का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें एवं वीडियो बिना अनुमति के रिकॉर्ड किए गए। बाद में इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल किया गया।


महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने कई महीनों तक उसे धमकाया और निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की चेतावनी देकर उससे लगभग चार लाख रुपये की उगाही की। शिकायत के अनुसार आरोपी लगातार उसे मानसिक दबाव में रखता था और इसी डर के कारण वह लंबे समय तक पुलिस के पास नहीं जा सकी।


एफआईआर में महिला ने यह भी दावा किया है कि आरोपी अक्सर एक प्लास्टिक की बोतल में कोई तरल पदार्थ लेकर आता था और उसे पीने के लिए मजबूर करता था। महिला का आरोप है कि वह पदार्थ पीने के बाद उसे असामान्य महसूस होता था। इसके बाद आरोपी उर्दू में कुछ पढ़ता, उसके चेहरे पर फूंक मारता और फिर उसके साथ यौन उत्पीड़न करता था। महिला ने आरोप लगाया है कि यह सब कथित तौर पर सम्मोहन, तंत्र-मंत्र या काले जादू जैसी गतिविधियों के नाम पर किया जाता था।


महिला के अनुसार 31 मई को आरोपी और उसके एक सहयोगी उसे नागपुर के पास कलमेश्वर क्षेत्र में ले गए। वहां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया गांव से जुड़े एक मौलाना की मौजूदगी में कथित धार्मिक अनुष्ठान कराया गया। महिला का आरोप है कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ धार्मिक वाक्य दोहराने के लिए मजबूर किया गया और बाद में उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है।


शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उस कथित अनुष्ठान के बाद महिला को आरोपी अय्याज मदारे की पत्नी घोषित कर दिया गया। महिला का कहना है कि यह सब उसकी इच्छा के खिलाफ हुआ। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे जबरन मांस खाने के लिए मजबूर किया गया।


एफआईआर के अनुसार इसके बाद महिला को एक होटल में ले जाया गया, जहां उसके साथ फिर से यौन उत्पीड़न किया गया। महिला ने आरोप लगाया है कि इसके बाद भी आरोपी कई बार उसके घर आया और बार-बार उसका शोषण करता रहा।


महिला का पति भारतीय सशस्त्र बलों में कार्यरत है और वर्तमान में नागपुर से बाहर तैनात बताया गया है। महिला ने कहा कि डर और सामाजिक बदनामी की आशंका के कारण वह लंबे समय तक चुप रही। बाद में उसने पूरी घटना अपने पति को बताई और फिर नागपुर के सोनेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस ने मामले में अय्याज ताज मदारे और उसके सहयोगी अमीन शेख को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं तीसरा आरोपी, जिसे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का मौलाना बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।


पुलिस ने बताया कि मामले में दुष्कर्म, ब्लैकमेल, उगाही और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित धाराओं के अलावा महाराष्ट्र के अंधविश्वास और काला जादू विरोधी कानून के प्रावधान भी लगाए गए हैं।


जोनल डीसीपी ऋषिकेश रेड्डी के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही है, वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जाएगी और डिजिटल साक्ष्यों को भी गंभीरता से परखा जा रहा है।


फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो तथा अन्य आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकेगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों से बचें।

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