नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) अब एक कदम और आगे बढ़ गया है। कंपनी का बोर्ड आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी दे चुका है और इसे आज ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दाखिल किया जाएगा।
मुकेश अंबानी ने AGM में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ कंपनी ही नहीं बल्कि रिलायंस परिवार और करोड़ों निवेशकों के लिए भी एक बेहद भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण है।
आज SEBI के पास दाखिल होगा DRHP
मुकेश अंबानी ने कहा,
"मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आज पहले ही DRHP को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही SEBI के पास दाखिल किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि जियो का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना (Listing) कंपनी के विकास की यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और इससे निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
अंबानी परिवार की नई पीढ़ी संभाल रही है IPO की कमान
मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो के आईपीओ की प्रक्रिया का नेतृत्व अब अंबानी परिवार की नई पीढ़ी कर रही है। ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
कंपनी का मानना है कि जियो की लिस्टिंग से मौजूदा निवेशकों को बेहतर मूल्य मिलेगा और यह भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर और मजबूत बनाएगी।
भारत की तकनीकी ताकत का प्रतीक बनेगा Jio
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो की लिस्टिंग दुनिया को यह संदेश देगी कि भारत भी वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां खड़ी कर सकता है।
"जियो की लिस्टिंग यह साबित करेगी कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीक, क्षमता और मूल्य वाली कंपनियां बनाने में सक्षम है।"
उन्होंने कहा कि रिलायंस और उसके शेयरधारकों के बीच संबंध केवल निवेश का नहीं बल्कि भरोसे, सम्मान और साझा विकास का है। यही सोच रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी की भी थी।
पेटेंट इनोवेशन में दुनिया की टॉप-20 कंपनियों में पहुंचा Jio
AGM के दौरान मुकेश अंबानी ने विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की रिपोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पेटेंट इनोवेशन की रफ्तार के मामले में जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक साल के भीतर बड़ी छलांग लगाई है।
कंपनी की रैंकिंग 340वें स्थान से बढ़कर सीधे 20वें स्थान पर पहुंच गई है। इस सूची में शामिल होने वाली जियो एकमात्र भारतीय कंपनी है।
यह उपलब्धि जियो के रिसर्च, डेवलपमेंट और नई तकनीकों पर किए जा रहे लगातार निवेश को दर्शाती है।
FY26 में रिलायंस का रिकॉर्ड प्रदर्शन
मुकेश अंबानी ने AGM में वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार प्रदर्शन की जानकारी भी साझा की।
कंपनी का कुल समेकित राजस्व (Consolidated Revenue) बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है।
वहीं कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर 95,754 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 17.8 प्रतिशत ज्यादा है।
अंबानी ने बताया कि वर्ष 2021 में कंपनी का EBITDA 97,580 करोड़ रुपये था, जो FY26 में बढ़कर लगभग 2,07,911 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
रिटेल और डिजिटल बिजनेस बने विकास के सबसे बड़े इंजन
मुकेश अंबानी के अनुसार रिलायंस के रिटेल और डिजिटल कारोबार अब कंपनी की वृद्धि के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं।
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के कुल EBITDA का लगभग आधा हिस्सा इन्हीं दोनों व्यवसायों से आया।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में रिलायंस की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में रिटेल और डिजिटल सेवाएं सबसे बड़ी भूमिका निभाएंगी।
निवेशकों की नजर अब Jio IPO पर
जियो आईपीओ को भारत के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित आईपीओ में से एक माना जा रहा है। DRHP दाखिल होने के बाद अब निवेशकों की नजर SEBI की मंजूरी और आईपीओ की लॉन्चिंग टाइमलाइन पर होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो की लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है और इससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।
फिलहाल निवेशकों को DRHP के सार्वजनिक होने और आईपीओ के आकार, मूल्यांकन तथा शेयर बिक्री से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

