रिलायंस ने FY26 में बनाया नया रिकॉर्ड, राजस्व, EBITDA और मुनाफा सबसे ऊंचे स्तर पर; रिटेल और डिजिटल कारोबार बने ग्रोथ के इंजन

Praveen Yadav
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मुंबई, 19 जून: वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को आयोजित 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बताया कि रिलायंस ने इस वित्त वर्ष में राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ के मामले में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है।

मुंबई, 19 जून: वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में बाधाएं और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को आयोजित 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में बताया कि रिलायंस ने इस वित्त वर्ष में राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ के मामले में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है।


मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया भर की कंपनियां आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं से जूझ रही थीं, लेकिन रिलायंस ने मजबूत रणनीति और कारोबार के विस्तार के दम पर शानदार नतीजे हासिल किए।


राजस्व 11.75 लाख करोड़ रुपये के पार

AGM को संबोधित करते हुए अंबानी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुल समेकित राजस्व (Consolidated Revenue) बढ़कर 11,75,919 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक है।


उन्होंने कहा कि यह कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक राजस्व है।


मुनाफे में 17.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी

रिलायंस का शुद्ध लाभ (Net Profit) भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल शुद्ध लाभ 95,754 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 17.8 प्रतिशत अधिक है।


कंपनी ने ऐसे समय में यह उपलब्धि हासिल की है जब वैश्विक बाजार कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।


EBITDA दोगुने से भी ज्यादा हुआ

मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation and Amortisation) पिछले पांच वर्षों में दोगुने से भी अधिक बढ़ा है।


वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी का EBITDA 97,580 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2,07,911 करोड़ रुपये हो गया।


उन्होंने कहा कि कंपनी ने पांच साल में EBITDA दोगुना करने का जो लक्ष्य रखा था, उसे सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है।


रिटेल और डिजिटल कारोबार ने दिखाई ताकत

मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस के रिटेल और डिजिटल कारोबार कंपनी की भविष्य की वृद्धि के सबसे बड़े आधार बनकर उभरे हैं।


उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के कुल EBITDA में लगभग 50 प्रतिशत योगदान रिटेल और डिजिटल बिजनेस का रहा।


अंबानी के मुताबिक, जियो और रिलायंस रिटेल के तेजी से विस्तार ने कंपनी को वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूत प्रदर्शन करने में मदद की।

"रिटेल और डिजिटल कारोबार अब रिलायंस की भविष्य की ग्रोथ के प्रमुख इंजन बन चुके हैं।"

भारत के विकास में सबसे बड़ा निवेशक बना रिलायंस

मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस देश के विकास में निवेश करने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में बनी हुई है।


वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल पूंजीगत निवेश (CAPEX) 1,44,271 करोड़ रुपये रहा।


वहीं पिछले पांच वर्षों में रिलायंस ने कुल 6,48,428 करोड़ रुपये (लगभग 68 अरब डॉलर से अधिक) का निवेश किया है, जो भारत की किसी भी कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।


निर्यात में भी मजबूत प्रदर्शन

रिलायंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2,78,808 करोड़ रुपये का निर्यात किया।


यह भारत के कुल माल निर्यात (Merchandise Exports) का लगभग 6.7 प्रतिशत हिस्सा है।


कंपनी का कहना है कि उसके निर्यात कारोबार ने भारत की विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


सरकारी खजाने में सबसे बड़ा योगदान

मुकेश अंबानी ने बताया कि रिलायंस देश के सरकारी खजाने में सबसे अधिक योगदान देने वाली कंपनी बनी हुई है।


वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने टैक्स, ड्यूटी और अन्य माध्यमों से कुल 2,16,472 करोड़ रुपये का योगदान राष्ट्रीय राजकोष में दिया।


पिछले पांच वर्षों में रिलायंस का कुल योगदान बढ़कर 9,78,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।


वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत प्रदर्शन

मुकेश अंबानी ने कहा कि पिछले वर्ष दुनिया ने कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया। कई क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष, ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, सप्लाई चेन में व्यवधान और कच्चे माल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।


इसके बावजूद रिलायंस ने अपने विविध कारोबार मॉडल, मजबूत निवेश और उपभोक्ता केंद्रित रणनीति के दम पर रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।


निष्कर्ष

वित्त वर्ष 2025-26 रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने राजस्व, EBITDA और मुनाफे के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। जियो और रिलायंस रिटेल जैसे उपभोक्ता आधारित कारोबार अब कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा आधार बन चुके हैं। साथ ही भारी निवेश, मजबूत निर्यात और सरकारी खजाने में बड़े योगदान के जरिए रिलायंस ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अपनी अहम भूमिका को और मजबूत किया है।

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