MP News: सीएम मोहन यादव के बचाव में उतरी बीजेपी, जमीन खरीद पर घमासान तेज, जानिए क्या हैं आरोप और बीजेपी का जवाब

Praveen Yadav
0
भोपाल: MP News में इन दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की ओर से की गई जमीन खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों और एक मीडिया रिपोर्ट के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुलकर मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आई है। बीजेपी नेताओं ने सभी आरोपों को बेबुनियाद, राजनीति से प्रेरित और तथ्यों से परे बताया है। हालांकि, विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार की जमीनों में हुई बढ़ोतरी को लेकर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।

भोपाल: MP News में इन दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की ओर से की गई जमीन खरीद को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों और एक मीडिया रिपोर्ट के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) खुलकर मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आई है। बीजेपी नेताओं ने सभी आरोपों को बेबुनियाद, राजनीति से प्रेरित और तथ्यों से परे बताया है। हालांकि, विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार की जमीनों में हुई बढ़ोतरी को लेकर स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है।


Mohan Yadav Land Deal News को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों ने उन इलाकों में बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी, जहां हाईवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर काम चल रहा है या प्रस्तावित है। इसके बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।


क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार ने उज्जैन और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में जमीनें खरीदी हैं। दावा किया गया कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने कम से कम 137 प्लॉट खरीदे, जिनका कुल रकबा लगभग 168 एकड़ बताया गया है। इन जमीनों की अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इनमें से अधिकांश जमीनें उन इलाकों में स्थित हैं, जहां सड़क, हाईवे और अन्य विकास परियोजनाओं का विस्तार प्रस्तावित है। इसी आधार पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जमीन खरीद और सरकारी परियोजनाओं के बीच संबंधों की जांच होनी चाहिए।


2021 से 2025 के बीच जमीन बढ़ने पर उठे सवाल

MP Political News के बीच सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार की जमीनों में हुई बढ़ोतरी को लेकर उठाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 से 2023 के बीच परिवार की लैंड होल्डिंग लगभग दोगुनी हुई। उस समय मोहन यादव मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री थे।


इसके बाद दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2024 से 2025 के बीच जमीनों में फिर उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने का दावा किया गया। विपक्ष का कहना है कि इसी बिंदु पर बीजेपी ने अब तक विस्तार से जवाब नहीं दिया है।


किन-किन लोगों के नाम पर खरीदी गई जमीन?

रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के नाम पर जमीन खरीदे जाने की बात कही गई है, उनमें मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव, बेटे वैभव यादव की पत्नी शालिनी यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव, नारायण यादव की पत्नी रेखा यादव, उनके बेटे अभय यादव तथा चचेरे भाई गोविंद यादव और नीलेश यादव शामिल हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी के नाम पर अलग-अलग समय में जमीनों की खरीद की गई, जिनका रिकॉर्ड संबंधित राजस्व दस्तावेजों में दर्ज है।


अमित मालवीय ने आरोपों को बताया राजनीतिक अभियान

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ विपक्ष और उसके सहयोगियों द्वारा चलाया जा रहा पूरा अभियान तथ्यों के आधार पर टिक नहीं सकता। उनके अनुसार जिस रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी बुनियाद ही कमजोर है।


अमित मालवीय ने लिखा कि यह पूरा मामला राजनीतिक 'विच-हंट' जैसा है, जहां शोर ज्यादा है लेकिन ठोस सबूत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।


उज्जैन मास्टर प्लान को लेकर बीजेपी का तर्क

अमित मालवीय ने अपने बयान में कहा कि उज्जैन मास्टर प्लान मई 2023 में ही सार्वजनिक कर दिया गया था, जबकि मोहन यादव दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री बने। उनके मुताबिक शहर के विकास, नई सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी पहले से सार्वजनिक थी। इसलिए किसी को अंदरूनी जानकारी का लाभ मिलने का सवाल ही नहीं उठता।


बीजेपी का कहना है कि जब विकास योजनाओं से जुड़ी जानकारी पहले से सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध थी, तब जमीन खरीद को लेकर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।


बहू शालिनी यादव ने खरीदे 12 प्लॉट, रिपोर्ट में किया गया दावा

Mohan Yadav Land Deal News से जुड़ी रिपोर्ट में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की बहू शालिनी यादव ने जून और जुलाई 2025 के दौरान उज्जैन के गांगेड़ी इलाके में 10.35 एकड़ जमीन के 12 प्लॉट खरीदे। रिपोर्ट के मुताबिक ये जमीन उज्जैन-बड़नगर और उज्जैन-इंदौर हाईवे के जंक्शन के पास स्थित है। इन प्लॉटों की कुल खरीद कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये बताई गई है।


सीएम और पत्नी की हिस्सेदारी वाली कंपनी ने भी खरीदी जमीन

रिपोर्ट के अनुसार श्री देवकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव की हिस्सेदारी बताई गई है, ने दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच उज्जैन के सावरखेड़ी और कस्बा क्षेत्र में लगभग 2.6 एकड़ जमीन वाले तीन प्लॉट खरीदे। इनकी कुल कीमत करीब 1.43 करोड़ रुपये बताई गई है।


इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि श्री सिद्धिविनायक देवकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड ने सितंबर 2024 में उज्जैन के ढेडिया क्षेत्र में मुख्यमंत्री के चचेरे भाई नीलेश यादव को करीब 12 एकड़ जमीन 6.01 करोड़ रुपये में बेची। बताया गया कि इस जमीन पर 'सावरिया' ब्रांड के तहत हाउसिंग प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है।


हेमंत खंडेलवाल ने क्या कहा?

मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल अपने शपथ पत्र में अपने और पत्नी के नाम पर मौजूद सभी संपत्तियों की जानकारी दी थी।


उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज जमीन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि बेटे वैभव यादव के नाम दर्ज लगभग 16 एकड़ जमीन पहले से ही उनके स्वामित्व में थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद उसमें भी कोई इजाफा नहीं हुआ।


खंडेलवाल ने यह भी कहा कि श्री सिद्धिविनायक देवकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड के पास वर्ष 2023 में लगभग 68 एकड़ जमीन थी, जो अब घटकर करीब 65 एकड़ रह गई है। उनके अनुसार मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था और वर्तमान में कंपनी के संचालन से उनका कोई संबंध नहीं है।


पीडब्ल्यूडी मंत्री बोले- जांच होनी चाहिए

मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इस पूरे मामले पर अलग रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई जांच की मांग करता है तो उसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है तो इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए ताकि सभी तथ्यों की पुष्टि हो सके और जनता के सामने सही तस्वीर आए।


मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया का इंतजार

रिपोर्ट के अनुसार इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके कार्यालय से भी सवाल पूछे गए थे। बताया गया कि 13 अप्रैल को भेजे गए सवालों का जवाब समाचार प्रकाशित होने तक नहीं मिला था।


निष्कर्ष

MP News में मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की जमीन खरीद को लेकर सियासी बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ कांग्रेस और विपक्ष निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि बीजेपी सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए पूरी तरह खारिज कर रही है। फिलहाल इस मामले में अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। आरोपों और जवाबों के बीच अंतिम स्थिति किसी भी आधिकारिक जांच या उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*