PM Modi G7 Summit 2026: EU नेताओं Costa और Ursula von der Leyen से मिले प्रधानमंत्री मोदी, भारत-EU FTA और रणनीतिक साझेदारी पर हुई अहम चर्चा

Praveen Yadav
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PM Modi G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन (Évian) में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक, रणनीतिक और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। India-EU FTA को शीघ्र लागू करने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
PM Modi G7 Summit 2026: EU नेताओं Costa और Ursula von der Leyen से मिले प्रधानमंत्री मोदी

PM Modi G7 Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन (Évian) में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के इतर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक, रणनीतिक और व्यापारिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। India-EU FTA को शीघ्र लागू करने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।


EU नेताओं के साथ पीएम मोदी की अहम बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, हरित ऊर्जा और रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के प्रयास तेज हो रहे हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक भारत-यूरोप संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ भी हुई द्विपक्षीय वार्ता

यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, सर्कुलर इकोनॉमी और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जर्मन चांसलर के साथ बातचीत बेहद फलदायी रही और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।


75 वर्षों की कूटनीतिक साझेदारी पर जताई संतुष्टि

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी में आई नई गति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों देश इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं।


बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, हरित एवं सतत विकास, तकनीक, नवाचार, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।


India-EU FTA पर विशेष जोर

बैठक के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (India-EU Free Trade Agreement) को जल्द लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों का मानना है कि यह समझौता न केवल भारत और यूरोप के बीच व्यापार को बढ़ाएगा बल्कि निवेश और औद्योगिक सहयोग को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।


विशेषज्ञों के अनुसार India-EU FTA लागू होने से भारतीय निर्यातकों और यूरोपीय कंपनियों दोनों को बड़ा लाभ मिल सकता है।


आज होगी पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की बहुप्रतीक्षित मुलाकात

जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। यह बैठक वैश्विक सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) जैसे विषयों पर केंद्रित रहने की संभावना है।


दोनों नेताओं ने एक दिन पहले जी7 नेताओं के सम्मेलन के दौरान अनौपचारिक बातचीत भी की थी। पिछले 16 महीनों में यह उनकी पहली आमने-सामने मुलाकात मानी जा रही है।


भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर दुनिया की नजर

जी7 सम्मेलन में भारत एक प्रमुख साझेदार देश (Partner Country) के रूप में शामिल हुआ है। वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के समाधान में उसकी बढ़ती भागीदारी को देखते हुए दुनिया की निगाहें नई दिल्ली पर टिकी हुई हैं।


प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक साझेदारी की सफलता का आधार "विश्वास" है। उन्होंने भारत की "मानवता प्रथम" नीति का उल्लेख करते हुए कई वैश्विक पहलों का जिक्र किया।


इन वैश्विक पहलों का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत द्वारा शुरू की गई कई वैश्विक पहलें दुनिया के सामने सहयोग और विकास का नया मॉडल प्रस्तुत कर रही हैं। इनमें शामिल हैं:

  • International Solar Alliance (ISA)
  • Coalition for Disaster Resilient Infrastructure (CDRI)
  • Global Biofuel Alliance
  • Mission LiFE
  • 'Ek Ped Maa Ke Naam' अभियान

उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति और वैश्विक सहयोग की सोच "वसुधैव कुटुंबकम" के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व एक परिवार है।


G7 कार्य सत्र में भी लेंगे हिस्सा

प्रधानमंत्री मोदी जी7 सम्मेलन के दौरान "सभी के लिए संतुलित, समावेशी और सतत आर्थिक विकास को पुनर्जीवित करना" विषय पर आयोजित कार्य सत्र में भी हिस्सा लेंगे। इस सत्र में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा होगी।


एक दिन में कई देशों के नेताओं से हुई मुलाकात

जी7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं।


इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।


निष्कर्ष

PM Modi G7 Summit 2026 के दौरान हुई यह कूटनीतिक गतिविधियां भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। यूरोपीय संघ, जर्मनी और अमेरिका सहित कई प्रमुख देशों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठकें आने वाले समय में भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नई मजबूती प्रदान कर सकती हैं।

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