Re-NEET UG 2026 परीक्षा संपन्न, 22 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा; एंट्री, हिजाब और कलावा को लेकर विवाद

Praveen Yadav
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 नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-NEET UG 2026 रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में देश और विदेश के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई।

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-NEET UG 2026 रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में देश और विदेश के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 22 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई।

री-नीट परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान स्वयं सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी।

551 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्र

NTA के अनुसार, भारत के 551 शहरों में कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा विदेशों के 14 केंद्रों पर भी परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित हुई।

22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 95 हजार से ज्यादा कमरों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनके माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी गई।

नकल रोकने के लिए लगाए गए 51,311 जैमर

परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए होने वाली नकल को रोकने के लिए 51,311 जैमर तैनात किए गए थे। इनमें 17,054 जैमर ईसीआईएल (ECIL) और 34,257 जैमर बीईएल (BEL) द्वारा उपलब्ध कराए गए।

इसके अलावा उम्मीदवारों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए 38,798 फ्रिस्किंग कर्मियों और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों की तैनाती की गई थी। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले प्रत्येक छात्र की गहन जांच की गई।

1:30 बजे के बाद नहीं मिली एंट्री

NTA के सख्त नियमों के अनुसार दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। इस नियम के कारण कई छात्रों को परीक्षा से वंचित होना पड़ा।

एक छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह दोपहर 1:31 बजे परीक्षा केंद्र पहुंची, लेकिन केंद्र का गेट पहले ही 1:27 बजे बंद कर दिया गया था। परिवार ने दावा किया कि समय से पहले गेट बंद किए जाने के कारण छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी।

भोपाल में भी सामने आया मामला

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी इसी तरह का मामला सामने आया। यहां दो छात्र देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं कर सके।

एक छात्र के चाचा आमिर कादरी ने बताया कि परीक्षा केंद्र जाते समय उनका सड़क हादसा हो गया था, जिसके कारण उन्हें प्राथमिक उपचार कराना पड़ा। हादसे के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचने पर भी छात्रों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

अहमदाबाद में हिजाब और कलावा को लेकर विवाद

री-NEET UG 2026 परीक्षा के दौरान गुजरात के अहमदाबाद स्थित वस्त्रापुर के आरजे टिबरेवाल परीक्षा केंद्र में धार्मिक प्रतीकों को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा जांच के दौरान कुछ हिंदू छात्रों के हाथों में बंधे कलावे और धार्मिक धागे हटवाए गए। वहीं मुस्लिम छात्राओं को हिजाब हटाने के लिए कहा गया। इस कार्रवाई के बाद केंद्र के बाहर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

कई अभिभावकों और छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले यह आश्वासन दिया गया था कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और धार्मिक प्रतीकों को लेकर संवेदनशीलता बरती जाएगी। लेकिन परीक्षा केंद्रों पर वास्तविक स्थिति अलग देखने को मिली।

कड़ी सुरक्षा के बावजूद उठे सवाल

हालांकि NTA और प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने का दावा किया है, लेकिन देर से पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश न मिलने और धार्मिक प्रतीकों को लेकर हुए विवादों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त नियम आवश्यक हैं, लेकिन आपात परिस्थितियों और धार्मिक संवेदनशीलता जैसे मामलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी होने चाहिए।

अब नजर रिजल्ट पर

री-NEET UG 2026 परीक्षा संपन्न होने के बाद अब लाखों छात्रों की नजर परिणाम और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी है। NTA जल्द ही आधिकारिक उत्तर कुंजी जारी कर सकता है, जिसके बाद अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

देशभर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की दिशा तय करने वाली इस परीक्षा के परिणाम का इंतजार अब 22 लाख से अधिक छात्र और उनके परिवार कर रहे हैं।

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