भुवनेश्वर: ओडिशा की राजनीति में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला जब पूर्व IAS अधिकारी Sujata Rout Karthikeyan ने आधिकारिक रूप से Biju Janata Dal (BJD) का दामन थाम लिया। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख Naveen Patnaik ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया। लगभग 25 वर्षों तक प्रशासनिक सेवा में योगदान देने वाली सुजाता राउत कार्तिकेयन को राज्य की महिला सशक्तिकरण योजना Mission Shakti का प्रमुख चेहरा माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Sujata Rout Karthikeyan का BJD में शामिल होना केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं बल्कि महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण विकास से जुड़े लाखों लोगों के लिए एक बड़ा संदेश है। प्रशासनिक क्षेत्र में उनकी पहचान एक प्रभावशाली और परिणाम देने वाली अधिकारी के रूप में रही है।
Sujata Rout Karthikeyan का प्रशासनिक सफर
साल 2000 बैच की IAS अधिकारी रहीं Sujata Rout Karthikeyan ने अपनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से प्राप्त की थी। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक किया और विश्वविद्यालय में टॉपर रहीं। इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मास्टर डिग्री हासिल की।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें 'अशोक बमावले अवॉर्ड फॉर बेस्ट ऑफिसर ट्रेनी' से सम्मानित किया गया था। यह उपलब्धि उनके शुरुआती प्रशासनिक कौशल का प्रमाण मानी जाती है।
BJD में शामिल होने के बाद क्या बोलीं Sujata Rout Karthikeyan?
बीजेडी में शामिल होने के दौरान सुजाता राउत कार्तिकेयन ने नवीन पटनायक का आशीर्वाद लिया। पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनका अनुभव और प्रशासनिक समझ संगठन को नई मजबूती प्रदान करेगी।
हालांकि उन्होंने तत्काल कोई बड़ा राजनीतिक बयान नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी समय में उन्हें महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास और संगठनात्मक विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
Mission Shakti को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निभाई अहम भूमिका
यदि Sujata Rout Karthikeyan के प्रशासनिक करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि की बात की जाए तो उसमें Mission Shakti का नाम सबसे ऊपर आता है। नवीन पटनायक सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना था।
उनके नेतृत्व और रणनीतिक योगदान के दौरान मिशन शक्ति का विस्तार राज्य के लगभग हर जिले तक हुआ। लाखों महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से बैंक ऋण, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि Mission Shakti ने ओडिशा में महिला सशक्तिकरण की तस्वीर बदलने में बड़ी भूमिका निभाई और इसमें Sujata Rout Karthikeyan का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
सुंदरगढ़ में शुरू की थी साइकिल योजना
सुंदरगढ़ जिले की कलेक्टर रहते हुए उन्होंने आदिवासी छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव पहल की थी। उन्होंने बैंकों के सहयोग से छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाली लड़कियों को स्कूल पहुंचने में सुविधा मिल सके।
इस योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसे व्यापक स्तर पर लागू किया। शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल आज भी एक सफल मॉडल के रूप में देखी जाती है।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में भी निभाई भूमिका
सुंदरगढ़ जिला भारत में हॉकी प्रतिभाओं की नर्सरी माना जाता है। Sujata Rout Karthikeyan ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए कई कदम उठाए।
उन्होंने हॉकी सहित अन्य खेलों के लिए आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर दिया। खेल मैदानों, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हुई थी।
मिड-डे मील में अंडा शामिल करने का फैसला बना मिसाल
साल 2006 में सुंदरगढ़ में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए मिड-डे मील योजना में अंडा शामिल करने की पहल की थी।
उस समय यह निर्णय काफी चर्चाओं में रहा, लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम देखने के बाद राज्य सरकार ने इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया। आज इसे बच्चों के पोषण सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
कटक की पहली महिला कलेक्टर बनीं
Sujata Rout Karthikeyan ने कटक जिले की पहली महिला कलेक्टर बनने का गौरव भी हासिल किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, नागरिक सेवाओं की पहुंच और सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया।
उनकी कार्यशैली को पारदर्शी और परिणामोन्मुखी माना जाता रहा है।
Mamata Scheme में भी निभाई अहम भूमिका
सामाजिक कल्याण निदेशक के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने Mamata Scheme को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह योजना गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी।
इस योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना था।
ओड़िया भाषा और संस्कृति के संरक्षण में योगदान
सुजाता राउत कार्तिकेयन ने संस्कृति विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने भुवनेश्वर में आयोजित पहले विश्व ओड़िया भाषा सम्मेलन के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस सम्मेलन में दुनिया भर से ओड़िया भाषा विशेषज्ञ, शोधकर्ता, छात्र और प्रवासी समुदाय के लोग शामिल हुए थे। इसका उद्देश्य ओड़िया भाषा और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाना था।
क्या BJD को मिलेगा राजनीतिक लाभ?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Sujata Rout Karthikeyan का BJD में शामिल होना पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता, प्रशासनिक अनुभव और Mission Shakti से जुड़ी पहचान पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में मदद कर सकती है।
ओडिशा की राजनीति में महिला वोट बैंक का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में सुजाता राउत कार्तिकेयन जैसी अनुभवी हस्ती का पार्टी में शामिल होना बीजेडी के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
निष्कर्ष
पूर्व IAS अधिकारी Sujata Rout Karthikeyan का BJD में शामिल होना ओडिशा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। Mission Shakti, Mamata Scheme, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, खेल और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में वह बीजेडी की एक महत्वपूर्ण नेता के रूप में उभर सकती हैं।
अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि नवीन पटनायक उनकी प्रशासनिक विशेषज्ञता और लोकप्रियता का उपयोग पार्टी संगठन और राज्य की राजनीति में किस तरह करते हैं।

