नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में चुनाव से पहले हुए SIR Protest Violence Case में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थानीय राजनीतिक नेता और मुख्य आरोपी Sayem Chowdhary उर्फ बाबू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। NIA के अनुसार, सायेम चौधरी अप्रैल 2026 में हुए उन हिंसक प्रदर्शनों के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं, जिनके दौरान न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से बंधक बनाया गया था और पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया था।
यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दौरान सामने आया था। उस समय मालदा जिले के विभिन्न इलाकों में व्यापक विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम, सरकारी कार्यों में बाधा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर घटनाएं सामने आई थीं।
NIA Arrests Sayem Chowdhary: कोलकाता से हुई गिरफ्तारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार सायेम चौधरी को कोलकाता स्थित NIA शाखा कार्यालय में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने न केवल हिंसक भीड़ को उकसाया बल्कि विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाने और उसे अंजाम देने में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सायेम चौधरी हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मालदा जिले की मोथाबाड़ी विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है।
क्या है Malda Violence Case?
1 अप्रैल 2026 को मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों को उनके कार्यस्थल पर घेर लिया था और कई घंटों तक उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया।
NIA के अनुसार Block Development Office (BDO) Block-II में तैनात न्यायिक अधिकारियों को अवैध रूप से रोका गया था। इसी मामले में सायेम चौधरी को प्रमुख आरोपी बताया गया है।
जांच एजेंसी का कहना है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सरकारी कार्य में बाधा डालने, प्रशासनिक अधिकारियों को डराने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से एकत्र हुए थे।
हिंसा में घायल हुए थे 9 पुलिसकर्मी
NIA की जांच में सामने आया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल पर भी हमला किया गया था। एजेंसी के मुताबिक हिंसक भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर पथराव और हमला किया, जिसमें कम से कम 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
एक घटना में पुलिस बस के चालक के सिर पर पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद बस का नियंत्रण बिगड़ गया और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई थी।
जांच एजेंसी का मानना है कि ये घटनाएं स्वतःस्फूर्त नहीं थीं बल्कि इसके पीछे संगठित साजिश की संभावना है।
हिंसा भड़काने का आरोप
NIA के बयान के अनुसार सायेम चौधरी ने घटना से एक दिन पहले BDO कार्यालय के सामने भाषण दिया था। एजेंसी का आरोप है कि इस भाषण के माध्यम से लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाया गया और उन्हें प्रशासनिक प्रक्रिया का विरोध करने के लिए प्रेरित किया गया।
जांचकर्ताओं का दावा है कि आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर हिंसक प्रदर्शन की योजना बनाई थी और अवैध रूप से एकत्र भीड़ का नेतृत्व किया था।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद अभी तक सायेम चौधरी या उनके कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब तक 30 आरोपियों की गिरफ्तारी
NIA ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं मालदा हिंसा से जुड़े विभिन्न मामलों में 35 आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार जारी है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
जांच अधिकारियों का मानना है कि कई घटनाएं आपस में जुड़ी हुई थीं और इनके पीछे एक व्यापक षड्यंत्र की संभावना की जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई जांच
मालदा में हुई हिंसा ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए Supreme Court ने स्वतः संज्ञान (Suo Moto Cognisance) लिया था। इसके बाद अदालत के निर्देश पर NIA को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच एजेंसी ने मालदा हिंसा से जुड़े कुल 12 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से चार मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि अन्य मामलों में जांच अभी जारी है।
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां
4 जून 2026 को NIA ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों Maulana Imran Ali और Rinku SK को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपियों ने न्यायिक अधिकारियों को रोकने, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने और पुलिस पर हमले में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
इन गिरफ्तारियों के दौरान NIA ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और महत्वपूर्ण डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए थे।
West Bengal Politics में बढ़ सकती है हलचल
चूंकि गिरफ्तार आरोपी सायेम चौधरी हाल ही में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं, इसलिए इस कार्रवाई का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से ही चुनावी हिंसा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता जैसे मुद्दों पर गर्म है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राज्य में सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
NIA Arrests Sayem Chowdhary मामला पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में चुनाव पूर्व हिंसा और SIR विरोध प्रदर्शनों की जांच में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी हिंसा, न्यायिक अधिकारियों की अवैध हिरासत और पुलिस पर हमलों की साजिश में शामिल था।
अब तक 30 गिरफ्तारियों और 12 दर्ज मामलों के साथ NIA की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं।

