FIFA World Cup 2026 के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने आरोप लगाया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेलने के तुरंत बाद उन्हें अमेरिका छोड़ने के लिए कहा गया। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह व्यवस्था पहले से तय थी और ईरान को इसकी पूरी जानकारी थी।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार रात कैलिफोर्निया में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरान के मुख्य कोच अमीर घालेनोई ने कहा कि टीम को मैच के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका छोड़कर मेक्सिको स्थित अपने ट्रेनिंग बेस लौटने के लिए मजबूर किया गया।
कोच का कहना था कि टीम को उम्मीद थी कि खिलाड़ियों को मैच के बाद होटल में एक दिन आराम और रिकवरी का समय मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अमेरिका ने दी सफाई
व्हाइट हाउस FIFA टास्क फोर्स के कार्यकारी निदेशक एंड्रयू गिउलियानी ने Associated Press से बातचीत में कहा कि ईरानी टीम को पहले ही बता दिया गया था कि उन्हें मैच से एक दिन पहले अमेरिका आने और मुकाबले के बाद उसी दिन लौटने की अनुमति होगी।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पहले से तय थी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
गिउलियानी के अनुसार ईरान की टीम अपने अगले मुकाबलों के लिए भी इसी व्यवस्था के तहत अमेरिका आएगी। टीम को मैच से एक दिन पहले प्रवेश मिलेगा और मुकाबले के बाद उसी दिन वापस जाना होगा।
वीजा विवाद भी आया सामने
ईरान के विंगर मेहदी तोराबी का अमेरिकी वीजा पहले मैच के बाद समाप्त हो गया था। इस कारण उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठने लगे थे।
हालांकि ईरानी टीम अधिकारियों ने पुष्टि की कि खिलाड़ी को नया मल्टीपल-एंट्री वीजा जारी कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कहा कि समस्या की जानकारी मिलते ही तत्काल समाधान किया गया ताकि खिलाड़ी टूर्नामेंट के सभी मैचों में हिस्सा ले सके।
कुछ सपोर्ट स्टाफ को नहीं मिली एंट्री
गिउलियानी ने यह भी स्वीकार किया कि ईरानी टीम के कुछ सपोर्ट स्टाफ और अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।
हालांकि उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया लेकिन कहा कि जिन लोगों के ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से सीधे संबंध हैं, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों में कोई छूट नहीं दी जाएगी, चाहे आयोजन FIFA World Cup जैसा बड़ा टूर्नामेंट ही क्यों न हो।
ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने जताई नाराजगी
ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि टीम के कुछ महत्वपूर्ण अधिकारियों को वीजा न मिलने से संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
फेडरेशन के अनुसार हर विश्व कप टीम के पास टीम मैनेजर, मीडिया ऑफिसर और प्रशासनिक अधिकारी होने चाहिए, लेकिन इनकी अनुपस्थिति से टीम के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
फेडरेशन ने FIFA से मामले में हस्तक्षेप करने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
युद्ध के बीच विश्व कप खेल रहा है ईरान
ईरान की विश्व कप यात्रा पहले से ही चुनौतियों से भरी रही है। अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का फैसला किया था।
ईरान ने FIFA से अनुरोध किया था कि उसके ग्रुप स्टेज मैच अमेरिका के बाहर कराए जाएं, लेकिन इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया।
टीम कप्तान मेहदी तारेमी ने भी शिकायत की कि मेक्सिको के तिजुआना से लॉस एंजिलिस की सामान्य यात्रा में सुरक्षा जांच और औपचारिकताओं के कारण पांच घंटे से अधिक समय लग गया।
तारेमी ने कहा कि ऐसे हालात में FIFA को टीम की ज्यादा मदद करनी चाहिए।
अगला मुकाबला
ईरान अब अपना अगला FIFA World Cup 2026 मुकाबला रविवार को लॉस एंजिलिस में खेलेगा। टीम को उम्मीद है कि आगामी मैचों में यात्रा और प्रशासनिक चुनौतियों से राहत मिलेगी ताकि खिलाड़ी केवल अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

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