मुंबई, जुलाई 2026 (क्रिकेट न्यूज) — भारतीय ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने इंग्लैंड दौरे पर अपने सीमित इस्तेमाल को लेकर खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उस सीरीज में उन्हें सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया, जबकि वह टीम के लिए और बेहतर योगदान दे सकते थे।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए शार्दुल ठाकुर ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और भविष्य की संभावनाओं पर भी बात की। उन्होंने साफ किया कि टीम इंडिया में वापसी की उनकी उम्मीद अभी भी पूरी तरह जिंदा है।
इंग्लैंड दौरे पर सीमित भूमिका पर सवाल
शार्दुल ठाकुर ने 2024-25 की इंग्लैंड टेस्ट सीरीज को याद करते हुए कहा कि उन्हें केवल दो टेस्ट मैचों में ही खेलने का मौका मिला, जिसमें उनकी भूमिका काफी सीमित रही।
“जब मैंने इंग्लैंड में खेला, मुझे लगता है कि मुझे सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। अगर मुझे और मौके मिलते तो मैं टीम के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकता था,” — शार्दुल ठाकुर
उन्होंने कहा कि वह खुद को पूरी तरह फिट और तैयार महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्हें गेंदबाजी और ऑलराउंड भूमिका में पर्याप्त अवसर नहीं मिले।
प्रदर्शन रहा मिला-जुला
इंग्लैंड दौरे पर शार्दुल ठाकुर का प्रदर्शन मिश्रित रहा। कुछ मौकों पर उन्होंने टीम को संभाला, लेकिन लगातार अवसर न मिलने के कारण वह अपनी पूरी क्षमता नहीं दिखा सके।
- बैटिंग प्रदर्शन: 1, 4, 41 रन और एक बार नॉट आउट
- गेंदबाजी: केवल 27 ओवर फेंके गए
- विकेट: लीड्स में कुछ सफलता, मैनचेस्टर में विकेट नहीं मिला
भारत ने लीड्स टेस्ट गंवाया जबकि मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ रहा। पूरी पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबरी पर समाप्त हुई।
“मुझे सही फेज में इस्तेमाल नहीं किया गया”
शार्दुल ठाकुर ने कहा कि उनकी गेंदबाजी का उपयोग सही समय पर नहीं किया गया।
“मुझे कम गेंदबाजी दी गई और गलत फेज में इस्तेमाल किया गया। कुछ निर्णयों में गलतियाँ हुईं,” — शार्दुल ठाकुर
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लीड्स टेस्ट में उनका शॉट चयन गलत था, लेकिन मैनचेस्टर टेस्ट में उन्होंने बेहतर बल्लेबाजी की थी।
टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद
34 वर्षीय ऑलराउंडर ने एक बार फिर भारत के लिए खेलने की इच्छा जताई और कहा कि वह कभी उम्मीद नहीं छोड़ेंगे।
“मैं 100% भारत के लिए दोबारा खेलना चाहता हूँ। उम्मीद बहुत मजबूत शब्द है। जब तक उम्मीद है, सब कुछ संभव है,” — शार्दुल ठाकुर
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए वह लगातार घरेलू क्रिकेट में मेहनत कर रहे हैं और फिटनेस पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं।
इंटरनेशनल करियर पर नजर
शार्दुल ठाकुर ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में अहम योगदान दिया है।
- टेस्ट: 13 मैच
- ODI: 47 मैच
- T20I: 25 मैच
उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड दौरे के दौरान लगभग एक साल पहले आया था।
MCA का बयान और घरेलू क्रिकेट पर फोकस
कार्यक्रम में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने घरेलू क्रिकेट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफी किसी वर्ल्ड कप से कम नहीं है।
“हमारे लिए रणजी ट्रॉफी वर्ल्ड कप है। हमारा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा भारतीय खिलाड़ी तैयार करना है,” — अजिंक्य नाइक
इसके साथ ही MCA ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर संदीप पाटिल को सभी आयु वर्ग टीमों का सलाहकार नियुक्त किया और नए घरेलू सीजन की थीम “FOCUS” घोषित की।
निष्कर्ष
शार्दुल ठाकुर का यह बयान उनके करियर के एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है। एक तरफ जहां वह इंग्लैंड दौरे पर मिले सीमित मौकों से असंतुष्ट नजर आए, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने टीम इंडिया में वापसी की मजबूत उम्मीद भी जताई है।
घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन और अनुभव के दम पर वह एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

