प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान 100 अंतरराष्ट्रीय दौरे कर विदेश नीति को नई दिशा दी है; नॉर्वे, यूक्रेन और इजराइल जैसी ऐतिहासिक यात्राएं शामिल।
भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीति के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। दिप्रिंट (ThePrint) के विशेष विश्लेषण के अनुसार, अपने 12 साल के कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी ने कूटनीति के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हाल ही में संपन्न हुई उनकी नॉर्वे यात्रा के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी 100वीं इंटरनेशनल यात्रा पूरी कर ली है।
इस विश्लेषण के मुताबिक, देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल के बाद नरेंद्र मोदी ही एकमात्र ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने इतने व्यापक स्तर पर दुनिया के देशों का दौरा किया है और वैश्विक नेताओं के साथ व्यक्तिगत संबंध मजबूत किए हैं।
100 विदेश यात्राएं और मनमोहन-इंदिरा से तुलना
पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति ने वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति को पहले से कहीं अधिक आक्रामक और मजबूत बनाया है।
📊 80 देशों का दौरा: अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक कुल 100 विदेश यात्राएं की हैं, जिसके तहत उन्होंने दुनिया के कम से कम 80 देशों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें की हैं।
📌 डॉ. मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के शासनकाल में लगभग 46 देशों की 71 आधिकारिक यात्राएँ की थीं।
🔴 इंदिरा गांधी की बराबरी: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने करीब 15 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान दुनिया के 69 देशों का दौरा किया था। देशों की संख्या के मामले में मोदी अब उनसे भी आगे निकल चुके हैं।
इतिहास रचने वाले कुछ 'पहले' और ऐतिहासिक दौरे
प्रधानमंत्री मोदी की कई यात्राएं ऐसी रहीं जो या तो किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा थीं या कई दशकों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित की गईं।
🇮🇱 इजराइल और फिलिस्तीन: मोदी साल 2017 में इजराइल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 2018 में वे फिलिस्तीन जाने वाले भी देश के इकलौते प्रधानमंत्री बने। हाल ही में फरवरी 2026 में उन्होंने फिर इजराइल का दौरा किया था।
🇺🇦 यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा: रूस और यूक्रेन संघर्ष के बीच कूटनीतिक संतुलन बनाते हुए पीएम मोदी अगस्त 2024 में यूक्रेन की राजधानी कीव जाने वाले पहले भारतीय नेता बने।
🇵🇱 पोलैंड और साइप्रस: अगस्त 2024 में उनकी पोलैंड यात्रा 45 साल बाद किसी भारतीय पीएम का पहला दौरा थी। वहीं जून 2025 में वे 1983 के बाद साइप्रस जाने वाले पहले पीएम बने।
🇧🇭 बहरीन और कुवैत: साल 2019 में वे बहरीन जाने वाले पहले पीएम बने, जबकि 2024 की उनकी कुवैत यात्रा 1981 (इंदिरा गांधी के समय) के बाद पहली यात्रा थी।
अफ्रीका, यूरोप और दक्षिण अमेरिका पर विशेष फोकस
वैश्विक संतुलन और नए आर्थिक गठबंधनों के लिए मोदी सरकार ने पारंपरिक मित्रों से इतर कई नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है।
📊 अफ्रीका आउटरीच: पीएम मोदी ने अफ्रीका के 11 देशों की यात्रा की है। साल 2025 में उन्होंने नामीबिया, घाना, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका और मॉरीशस का दौरा किया। घाना और नामीबिया की यात्राएं 1990 के दशक के बाद (करीब 27 साल बाद) किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्राएं थीं। वे 2018 में रवांडा जाने वाले भी पहले पीएम बने।
📌 यूरोप और ईएफटीए (EFTA) समझौता: यूरोप से कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करते हुए हाल ही में भारत ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTAs - नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन) के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लागू किया है। ओस्लो (नॉर्वे) की उनकी हालिया यात्रा 43 साल में किसी भारतीय पीएम की पहली यात्रा थी।
🔴 दक्षिण अमेरिका और प्रशांत द्वीप: पीएम मोदी गुयाना (56 साल बाद पहली यात्रा) और अर्जेंटीना जाने वाले कई दशकों बाद पहले पीएम बने। इसके अलावा मई 2023 में वे पापुआ न्यू गिनी जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।

