Bihar Police Viral Video: मोकामा में कुख्यात सोनू-मोनू के घर छापा मारने गई पुलिस की खुद हो गई तलाशी, गंजी-जांघिया पहने युवक ने लगवाई लाइन

Praveen Yadav
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पोर्टल का नाम: JanDrishti Today

कैटगरी (Niche): बिहार न्यूज़ / क्राइम और लॉ एंड ऑर्डर

बिहार के पटना से सटे मोकामा इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नौरंगा जलालपुर गांव में हुए एक फायरिंग विवाद के बाद जब बिहार पुलिस के जवान कुख्यात सोनू-मोनू नाम के अपराधियों के घर छापेमारी करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया।

बिहार के पटना से सटे मोकामा इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस के इकबाल पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नौरंगा जलालपुर गांव में हुए एक फायरिंग विवाद के बाद जब बिहार पुलिस के जवान कुख्यात सोनू-मोनू नाम के अपराधियों के घर छापेमारी करने पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया।


आमतौर पर पुलिस अपराधियों और संदिग्धों की तलाशी लेती है, लेकिन इस मामले में उल्टा हो गया। अपराधियों के घर के बाहर तैनात गुर्गों और महिलाओं ने पुलिस टीम को गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद सिर्फ एक गंजी और जांघिया (Underwear) पहने हुए युवक ने पुलिसवालों की कतार (लाइन) लगवाई और एक-एक करके सभी जवानों की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें घर के अंदर जाने की इजाजत दी। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे बिहार पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


फेसबुक पोस्ट और वर्चस्व की जंग से शुरू हुआ पूरा विवाद

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत गांव के वर्तमान पैक्स अध्यक्ष और सरपंच प्रतिनिधि मुकेश सिंह की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई थी। मुकेश सिंह ने बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने सोनू-मोनू के पिता और वकील प्रमोद सिंह पर मूंछों को लेकर एक व्यंग्य (तंज) कसते हुए फेसबुक पोस्ट डाली थी, जिससे दोनों गुटों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।


तनाव को शांत करने के लिए गांव में एक पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन बातचीत के दौरान ही माहौल बिगड़ गया और सोनू-मोनू गिरोह के लोगों ने दो राउंड हवाई फायरिंग कर दी। फायरिंग के बाद गांव में दहशत फैल गई, जिसकी सूचना मिलते ही पचमहला और हाथीदह थाने की पुलिस टीम आरोपियों की धरपकड़ के लिए उनके घर पहुंची थी। बिहार की अन्य प्रमुख आपराधिक खबरों और पुलिस के आधिकारिक बयानों के लिए आप Aaj Tak की वेबसाइट पर नजर रख सकते हैं।


गेट पर आधे घंटे तक हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब पुलिस की टीम सोनू-मोनू के घर की चौखट पर खड़ी थी, तब गेट पर उनकी मां और कुछ महिलाएं खड़ी हो गईं और उन्होंने पुलिस को अंदर जाने से रोक दिया। करीब आधे घंटे तक पुलिस और परिवार के बीच बहस होती रही। इसी बीच थाना प्रभारी फोन पर मुख्य आरोपी सोनू से कानूनी पहलुओं पर बात करते भी नजर आए, जहां सोनू ने शर्त रखी कि पुलिसवाले पहले खुद की तलाशी दें ताकि बाद में वे यह न कह सकें कि पुलिस ने घर में खुद हथियार रख दिए हैं।

  • गंजी-जांघिया पहने युवक ने ली तलाशी: शर्त मानने के बाद घर के बाहर खड़े एक युवक, जो सिर्फ गंजी और अंडरवियर में था, उसने पुलिसकर्मियों को लाइन में खड़ा किया और उनके पैकेट व शरीर की जांच की।
  • बैरंग लौटना पड़ा पुलिस को: इतनी फजीहत कराने और तलाशी देने के बाद जब पुलिस के जवान घर के अंदर दाखिल हो पाए, तब तक दोनों मुख्य आरोपी सोनू और मोनू मौके से फरार हो चुके थे।

एक नजर में: मोकामा वायरल वीडियो मामले की पूरी टाइमलाइन

इस पूरे घटनाक्रम को आप नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं:

विवाद का कारण (Reason) मुख्य आरोपी (Accused) वायरल वीडियो में क्या दिखा? पुलिस का एक्शन (Current Status)
सोशल मीडिया पोस्ट सोनू कुमार और मोनू कुमार (नौरंगा जलालपुर गांव) गंजी-जांघिया पहने युवक ने लाइन लगवाकर पुलिस की तलाशी ली। प्राथमिकी दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी, वीडियो की जांच के निर्देश।

पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) रामकृष्णा ने बताया कि पुलिस ने नौरंगा जलालपुर गांव में हुई फायरिंग के संबंध में केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिसकर्मियों की तलाशी लिए जाने के वीडियो पर उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद परिस्थितियों के हिसाब से प्रक्रिया (प्रोसिजर) का पालन किया गया होगा, लेकिन वीडियो की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए आप बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. मोकामा में पुलिस की तलाशी लेने का यह मामला किस गांव का है?

यह पूरा मामला पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव का है।

2. सोनू-मोनू गिरोह और मुकेश सिंह के बीच विवाद क्यों शुरू हुआ था?

विवाद की शुरुआत मुकेश सिंह द्वारा फेसबुक पर सोनू-मोनू के पिता एडवोकेट प्रमोद सिंह की मूंछों को लेकर किए गए एक व्यंग्यपूर्ण पोस्ट से हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में फायरिंग हो गई थी।

3. क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है?

नहीं, जब पुलिस तलाशी देने के बाद घर के अंदर पहुंची, तब तक कुख्यात सोनू और मोनू वहां से भाग चुके थे। पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)

मोकामा का यह वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर बिहार पुलिस की साख को बड़ा झटका दे रहा है। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे खाकी वर्दी को भी अपनी शर्तों पर झुकने को मजबूर कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन जनता के बीच अपनी धाक दोबारा कायम करने के लिए पुलिस को इन फरार अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजना होगा, ताकि कानून का राज साफ तौर पर दिखाई दे।

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