Major Abhilasha Barak UN Award: अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस (International Day of UN Peacekeepers) के विशेष अवसर पर भारत के लिए एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण सामने आया है. संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक (Major Abhilasha Barak) को प्रतिष्ठित '2025 मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' (2025 Military Gender Advocate of the Year) पुरस्कार से सम्मानित किया है. भारत में संयुक्त राष्ट्र (UN in India) ने लैंगिक-उत्तरदायी शांति स्थापना को बढ़ावा देने और उनके उत्कृष्ट नेतृत्व को मान्यता देते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाजा है.
मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में अपनी सेवाएं दे रही हैं, जहाँ वे भारतीय बटालियन (INDBATT-XXVI) के तहत फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) की कमांडर के रूप में तैनात हैं. इसके साथ ही उनके नाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज है—वे भारतीय सेना (Indian Army) की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट (First Woman Combat Helicopter Pilot) भी हैं.
मेजर अभिलाषा बराक का उत्कृष्ट योगदान और जमीनी प्रभाव
संयुक्त राष्ट्र द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मेजर अभिलाषा बराक को यह पुरस्कार उनके द्वारा किए गए जमीनी और सामाजिक स्तर के असाधारण कार्यों के लिए दिया गया है:
- 5,000 से अधिक महिलाओं तक पहुंच: एक फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में काम करते हुए मेजर बराक ने व्यापक आउटरीच अभियान चलाए और लेबनान में संघर्ष के बाद के दौर से उबर रही 5,000 से अधिक स्थानीय महिलाओं और किशोरियों से सीधा संपर्क साधा.
- सशक्तिकरण कार्यक्रम: उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण (Vocational Training), शिक्षा holidays और स्वास्थ्य संबंधी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिससे स्थानीय समुदाय को संकट से उबरने में बड़ी मदद मिली.
- शांतिरक्षकों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन: उन्होंने मिशन पर तैनात अन्य शांतिरक्षकों (Peacekeepers) के लिए लैंगिक संवेदीकरण (Gender Sensitization) प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए, ताकि शांति अभियानों में जेंडर परिप्रेक्ष्य को बेहतर ढंग से शामिल किया जा सके.
संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट पुरस्कार पाने वाली भारतीय हस्तियां
मेजर अभिलाषा बराक इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को हासिल करने वाली भारत की तीसरी सैन्य अधिकारी बन गई हैं. भारत के अब तक के विजेताओं का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
| विजेता का नाम (Recipient) | पुरस्कार का वर्ष (Year) | यूएन मिशन और भूमिका (UN Mission / Role) |
|---|---|---|
| मेजर अभिलाषा बराक (Major Abhilasha Barak) | 2025 | UNIFIL (लेबनान) - फीमेल एंगेजमेंट टीम (FET) कमांडर |
| मेजर राधिका सेन (Major Radhika Sen) | 2024 | संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन |
| मेजर सुमन गवानी (Major Suman Gawani) | 2019 | संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन |
क्या है यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट पुरस्कार और इसका महत्व?
संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार की शुरुआत साल 2016 में की गई थी. यह पुरस्कार प्रतिवर्ष ऐसे सैन्य शांतिरक्षक (चाहे वह पुरुष हो या महिला) को प्रदान किया जाता है जिसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 (UN Security Council Resolution 1325) के सिद्धांतों और वैश्विक एजेंडे को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट नेतृत्व और प्रतिबद्धता दिखाई हो.
यह प्रस्ताव मुख्य रूप से शांति स्थापना और राजनीतिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने, शांति अभियानों के सभी पहलुओं में जेंडर परिप्रेक्ष्य को मुख्यधारा में लाने, संघर्ष-संबंधी यौन हिंसा की रोकथाम और उससे सुरक्षा करने, तथा संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में वर्दीधारी महिला शांतिरक्षकों के योगदान और भूमिका का विस्तार करने की वकालत करता है.
मेजर अभिलाषा बराक ने लेबनान में अपनी तैनाती के दौरान इन सभी सिद्धांतों को धरातल पर उतारने का बेहतरीन काम किया है. न्यूयार्क में भारत के स्थायी मिशन और बेरूत (लेबनान) स्थित भारतीय दूतावास ने भी मेजर बराक को इस ऐतिहासिक वैश्विक सम्मान के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.

