NEET-UG Paper Leak: पेपर लीक रोकने के लिए NTA ने बदला पूरा सिस्टम, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया नया सुरक्षा प्लान

Praveen Yadav
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NTA Affidavit on NEET UG: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम हलफनामा (Affidavit) दायर किया है. इस हलफनामे में NTA ने उन सभी सुधारात्मक कदमों (Corrective Measures) की विस्तृत जानकारी दी है, जो भविष्य में पेपर लीक को रोकने के लिए लागू किए जा रहे हैं.
अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) और अन्य छात्र संगठनों के सदस्यों ने परीक्षा रद्द होने के बाद कथित पेपर लीक की आशंकाओं को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

NTA Affidavit on NEET UG: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में एक बेहद अहम हलफनामा (Affidavit) दायर किया है. इस हलफनामे में NTA ने उन सभी सुधारात्मक कदमों (Corrective Measures) की विस्तृत जानकारी दी है, जो भविष्य में पेपर लीक को रोकने के लिए लागू किए जा रहे हैं.


द हिंदू (The Hindu) की रिपोर्ट के अनुसार, NTA ने कोर्ट में अपनी सफाई देते हुए कहा कि परीक्षा को रद्द करने और मामले की जांच तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का फैसला यह दिखाता है कि एजेंसी और केंद्र सरकार परीक्षा की शुचिता को लेकर कितनी गंभीर हैं. आइए जानते हैं कि NTA ने री-एग्जामिनेशन (Re-test) को सुरक्षित बनाने के लिए परीक्षा के ढांचे में क्या-क्या बड़े बदलाव किए हैं.


1. प्रश्नपत्रों का नया पैटर्न: कोडिंग और सीक्वेंसिंग में बदलाव

NTA ने माना कि पारंपरिक तरीकों में सेंधमारी का खतरा अधिक था, इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी सीरीज को लेकर अब नया नियम लागू किया जा रहा है:

  • मल्टीपल सेट और बैकअप (Multiple Sets): अब परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों के एक से अधिक सेट (Multiple Versions) तैयार किए जाएंगे, जिसमें से एक अतिरिक्त सेट को पूरी तरह से 'रिजर्व बैकअप' के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा.
  • लंबे स्पेशल कोड (Extended Codes): पहले पारंपरिक रूप से चलने वाली सामान्य A, B, C, D सीरीज को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. अब हर पेपर पर एक विशेष लंबा कोड (Unique Extended Code) दर्ज होगा.
  • आंसर ऑप्शंस की शफलिंग: अलग-अलग सेट्स में न केवल प्रश्नों का क्रम बदला जाएगा, बल्कि उत्तर के विकल्पों (Answer Choices) का सीक्वेंस भी पूरी तरह से अलग-अलग होगा.

2. प्रिंटिंग प्रेस से लेकर एग्जाम सेंटर तक 'कड़ा पहरा'

प्रश्नपत्रों की छपाई और उनके परिवहन (Logistics/Transportation) के दौरान होने वाले लीकेज को रोकने के लिए NTA ने सुरक्षा को कई गुना मजबूत कर दिया है:

  • प्रिंटिंग प्रेस में नो-गैजेट जोन: प्रिंटिंग प्रेस की निगरानी के लिए एक समर्पित वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी. प्रेस के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (Mobile/Gadgets) के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी होगी और सभी सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रिकॉर्ड किया जाएगा.
  • पैरामिलिट्री और इंडिया पोस्ट की सुरक्षा: प्रश्नपत्रों के ट्रंक (Trunks) को प्रिंटिंग प्रेस से नोडल हब तक ले जाने की जिम्मेदारी सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की होगी. इसके बाद सरकारी संस्था 'इंडिया पोस्ट' (India Post) के जरिए सख्त 'चेन-ऑफ-कस्टडी' प्रोटोकॉल के तहत इसे जिला कस्टोडियन तक पहुंचाया जाएगा.
  • लोकल पुलिस एस्कॉर्ट: जिला कस्टोडियन से परीक्षा केंद्रों (Exam Centres) तक प्रश्नपत्रों को ले जाने की सुरक्षा स्थानीय जिला पुलिस के हाथों में सौंपी गई है.

NTA द्वारा लागू नए सुरक्षा नियम: एक नजर में (Quick Summary)

सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए हलफनामे के आधार पर नए नियमों की मुख्य बातें इस तालिका में स्पष्ट की गई हैं:

परीक्षा का चरण (Exam Phase) NTA का नया सुरक्षा उपाय (New Safeguards)
प्रश्नपत्र श्रृंखला (Paper Series) पारंपरिक A,B,C,D सीरीज खत्म, विशेष विस्तारित कोड (Extended Codes) लागू.
प्रश्नपत्रों का परिवहन (Logistics) CAPF और इंडिया पोस्ट की कस्टडी, लोकल पुलिस द्वारा केंद्रों तक सुरक्षित डिलीवरी.
गोपनीय ऑपरेशन्स (CONOPs) NTA कार्यालय में 'इंसुलेटेड रूम्स' का निर्माण, जहां पेपर सेटर्स बिना इंटरनेट/मोबाइल के रहेंगे.
स्ट्रॉन्ग रूम प्रोटोकॉल कस्टोडियन बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में ट्रंक सुरक्षित रहेंगे, परीक्षा से केवल 45 मिनट पहले ही खुलेंगे.
डिजिटल सुरक्षा (Tech Security) मास्टर कंप्यूटर पर प्रश्नपत्र एन्क्रिप्टेड रूप में रहेंगे, क्रिप्टोग्राफिक एल्गोरिदम नियमित बदले जाएंगे.

3. इन्सुलेटेड रूम्स और डिजिटल एन्क्रिप्शन

NTA ने अपने मुख्य कार्यालय के भीतर भी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया है:

अब गोपनीय कार्यों के लिए ऑफिस के भीतर एक 'कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशन्स' (CONOPs) एरिया बनाया गया है. पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों को पूरी तरह से बाहरी दुनिया से अलग (Insulated Rooms) कर दिया जाएगा, जहां न तो इंटरनेट काम करेगा और न ही मोबाइल नेटवर्क.


इन कमरों में ही उनके लिए पेंट्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं होंगी. काम के दौरान जो भी रफ पेपर या वेस्ट जनरेट होगा, उसे तुरंत श्रेडर मशीन (Shredder) से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके अलावा, मास्टर कंप्यूटर पर सभी डेटा पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर रहेगा.


निष्कर्ष: आगामी परीक्षाओं के लिए फुलप्रूफ तैयारी

NTA ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय को आश्वस्त किया है कि आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह से एक मजबूत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत आयोजित किया जाएगा. इसमें मल्टी-लेयर ऑथेंटिकेशन, एडवांस्ड सर्विलांस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन शामिल होगा. छात्र हितों की रक्षा और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए ये कड़े कदम बेहद जरूरी थे.


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