नई दिल्ली, 15 जून 2026: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल होने की अटकलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उन्होंने जिस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा है, उसी में रहकर काम करेंगे। हालांकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने की संभावना को पूरी तरह खारिज करते हुए बेहद तीखा रुख अपनाया।
एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में संजय सिंह ने कहा कि वह जीवनभर भाजपा में शामिल होने की कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बात की गारंटी ले सकते हैं कि वह कभी भाजपा का हिस्सा नहीं बनेंगे।
भाजपा में जाने का सवाल ही नहीं
संजय सिंह ने कहा, "मरते दम तक भाजपा में जाने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता। मेरी उनसे विचारधारा की लड़ाई है। मैं मानता हूं कि भाजपा देश के लिए खतरनाक राजनीति करती है और समाज में नफरत फैलाने का काम करती है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति समाज को धार्मिक और सामाजिक आधार पर बांटने की कोशिश करती है। इसी वजह से उनके लिए भाजपा में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
'AAP को बनाने में लगाया जीवन'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भाजपा के अलावा किसी अन्य राजनीतिक दल में जा सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ही उनके लिए सबसे उपयुक्त राजनीतिक मंच है।
संजय सिंह ने कहा, "जिस पार्टी को हमने बनाया, जिसके लिए दिन-रात मेहनत की, उसे छोड़ने का सवाल नहीं उठता। मैं आज भी लगातार देशभर में जाकर संगठन के लिए काम कर रहा हूं। मेरे लिए सबसे अच्छी पार्टी आम आदमी पार्टी है।"
जांच एजेंसियों से नहीं डरता
संजय सिंह ने अपने जेल जाने के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वह किसी भी जांच एजेंसी या सरकारी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "183 दिन जेल में रहने के बाद भी मैंने भाजपा के खिलाफ आवाज उठाना बंद नहीं किया। मेरे पास ऐसा कुछ नहीं है जिससे मुझे डराया जा सके। भाजपा वालों ने मेरी हर तरह की जांच करा ली है।"
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से वह लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ खुलकर बोलते रहते हैं।
अखिलेश यादव से करीबी पर क्या बोले?
इंटरव्यू के दौरान संजय सिंह से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ उनकी नजदीकियों को लेकर भी सवाल पूछा गया।
उन्होंने स्वीकार किया कि उनके अखिलेश यादव के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या वह सपा में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब देने के बजाय दोहराया कि वह आम आदमी पार्टी में ही रहेंगे और उसी के लिए काम करते रहेंगे।
संजय सिंह ने कहा, "अरविंद केजरीवाल जी ने मुझे दो बार राज्यसभा भेजा। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उसे निभाया। मेरे लिए सबसे अच्छी पार्टी आम आदमी पार्टी है और मैं उसी में रहकर काम करूंगा।"
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं और सांसदों के दूसरे दलों में जाने की खबरों के बीच संजय सिंह को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि उनके ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह न तो भाजपा का रुख करने वाले हैं और न ही किसी अन्य दल में जाने की कोई योजना रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय सिंह का यह बयान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है, क्योंकि वह पार्टी के सबसे सक्रिय और मुखर नेताओं में गिने जाते हैं।

