जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन स्थल पर कुछ लोगों ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना जयपुर के शहीद स्मारक पर हुई, जहां बड़ी संख्या में युवा कथित NEET पेपर लीक, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान समर्थक अभिजीत डिपके को अपने कंधों पर उठाकर मंच की ओर ले जा रहे थे, तभी कथित रूप से उन पर हमला किया गया।
“सौ हमले कर लो, हमें चुप नहीं करा सकते”
घटना के बाद अभिजीत डिपके ने कहा कि जब वे प्रदर्शन स्थल में प्रवेश कर रहे थे, तभी उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा, “भले कितना हमला हो, हमें हाथ नहीं उठाना है। हाथ डरपोक लोग उठाते हैं। एक नहीं, सौ हमले कर लो, हमें चुप नहीं करा सकते।”
उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।
NEET पेपर लीक और बेरोजगारी का मुद्दा उठाया
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत डिपके ने NEET पेपर लीक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के एक मंत्री ने NEET पेपर लीक को कोई बड़ी बात नहीं बताया, जबकि लाखों छात्रों का भविष्य इससे प्रभावित हुआ है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था और रोजगार की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों को देशविरोधी बताने की कोशिश की जाती है।
सिक्किम के कार्यकर्ता पर भी हमले का आरोप
इस प्रदर्शन में शामिल सिक्किम के सामाजिक कार्यकर्ता बेवेश अधिकारी ने भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। बाद में अपने संबोधन में उन्होंने पुलिस का धन्यवाद किया और कहा कि पुलिस की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
युवाओं की बड़ी भागीदारी
शहीद स्मारक पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के वीडियो और आरोपों की जांच की जा रही है।
नोट: अभिजीत डिपके और उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।

