FIFA World Cup 2026: फीफा विश्व कप 2026 के बीच ट्यूनीशिया फुटबॉल टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्वीडन के खिलाफ पहले ही मैच में 5-1 की शर्मनाक हार के बाद ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ (TFT) ने मुख्य कोच सबरी लामूशी को पद से हटा दिया है। उनकी जगह अनुभवी फ्रांसीसी कोच हर्वे रेनार्ड को टीम की कमान सौंपी गई है।
ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा की। महासंघ ने बताया कि हर्वे रेनार्ड 2026 विश्व कप के अंत तक टीम के मुख्य कोच रहेंगे। इसके बाद उनके साथ लंबे समय के अनुबंध को लेकर चर्चा की जाएगी।
विश्व कप में खराब शुरुआत बनी वजह
ट्यूनीशिया ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत बेहद निराशाजनक तरीके से की। टीम को स्वीडन के खिलाफ 5-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में ट्यूनीशिया की रक्षापंक्ति पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और स्वीडन के खिलाड़ियों ने लगातार गोल कर टीम पर दबाव बनाए रखा।
यह हार हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्यूनीशिया की सबसे खराब हारों में से एक मानी जा रही है।
स्वीडन के खिलाड़ियों ने मचाया धमाल
स्वीडन की ओर से यासिन अयारी ने दो गोल दागे, जबकि अलेक्जेंडर इसाक, विक्टर ग्योकेरेस और मैटियास स्वानबर्ग ने एक-एक गोल कर टीम की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
ट्यूनीशिया की ओर से एकमात्र गोल उमर रेकीक ने 43वें मिनट में किया, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके।
आपसी सहमति से अलग हुए लामूशी
ट्यूनीशिया फुटबॉल महासंघ ने अपने बयान में कहा कि सबरी लामूशी के साथ आपसी सहमति से अनुबंध समाप्त किया गया है। महासंघ ने उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।
हालांकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के दौरान कोच को हटाने का फैसला यह दिखाता है कि टीम प्रबंधन प्रदर्शन को लेकर बेहद गंभीर है।
हर्वे रेनार्ड पर बड़ी जिम्मेदारी
अब ट्यूनीशिया की उम्मीदें नए कोच हर्वे रेनार्ड पर टिकी होंगी। रेनार्ड अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में एक अनुभवी और सफल कोच माने जाते हैं। उन्होंने पहले कई राष्ट्रीय टीमों के साथ काम किया है और बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव रखते हैं।
महासंघ के अनुसार रेनार्ड तुरंत प्रभाव से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे और आगामी मुकाबलों के लिए टीम की तैयारी शुरू करेंगे।
विश्व कप में बने रहने की चुनौती
पहले मैच में बड़ी हार के बाद ट्यूनीशिया के लिए अगले मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। यदि टीम को नॉकआउट चरण की उम्मीदें जिंदा रखनी हैं तो उसे आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोच बदलने का फैसला खिलाड़ियों में नया आत्मविश्वास पैदा कर सकता है, लेकिन विश्व कप जैसे बड़े मंच पर परिणाम हासिल करने के लिए टीम को मैदान पर भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि हर्वे रेनार्ड की अगुआई में ट्यूनीशिया वापसी कर पाता है या नहीं।

