प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा पहुंच गए, जहां से वह फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 Summit 2026 में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
भारत इस बार भी G7 सम्मेलन में साझेदार देश के रूप में शामिल हो रहा है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सातवीं बार इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच का हिस्सा बन रहे हैं। इससे पहले भारत 12 बार G7 बैठकों में भाग ले चुका है और इस बार यह 13वीं भागीदारी होगी।
स्लोवाकिया दौरे को बताया ऐतिहासिक और सफल
जिनेवा पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपना स्लोवाकिया दौरा पूरा किया। उन्होंने इस यात्रा को "ऐतिहासिक और उत्पादक" बताते हुए कहा कि इससे भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस यात्रा के दौरान हुए समझौते दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक रिश्ते युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर पैदा करेंगे।
पीएम मोदी ने स्लोवाकिया की सरकार और वहां के नागरिकों को गर्मजोशी से स्वागत और आतिथ्य के लिए धन्यवाद भी दिया।
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने किया विशेष सम्मान
भारत और स्लोवाकिया के बढ़ते संबंधों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को विदा करने एयरपोर्ट पहुंचे। इसे दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी रॉबर्ट फिको का विशेष रूप से आभार जताया और कहा कि उनकी मेहमाननवाजी हमेशा याद रखी जाएगी।
पीएम मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
स्लोवाकिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान "द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)" प्रदान किया गया। यह सम्मान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने उन्हें दिया।
यह किसी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इसे भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा, तकनीक और रोजगार पर हुए महत्वपूर्ण समझौते
स्लोवाकिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, प्रतिभा विकास और श्रम प्रवासन से जुड़े समझौते शामिल हैं।
दोनों देशों ने सुरक्षित और कानूनी श्रमिक आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए श्रम प्रवासन समझौते पर भी सहमति जताई। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने और नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर फोकस
भारत और स्लोवाकिया ने ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प भी दोहराया।
संयुक्त बयान के अनुसार भारत-स्लोवाकिया संयुक्त आर्थिक समिति (JEC) की भूमिका को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की जा सके।
G7 Summit में भारत की भूमिका पर रहेगी नजर
अब सभी की निगाहें G7 Summit 2026 पर हैं। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। भारत वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज को मजबूती से उठाने के साथ-साथ आर्थिक विकास, डिजिटल परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपना पक्ष रख सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था और बढ़ती वैश्विक भूमिका के कारण भारत की मौजूदगी इस सम्मेलन में काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
G7 सम्मेलन के दौरान होने वाली बैठकों और द्विपक्षीय वार्ताओं पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इनका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

