JanDrishti Today | स्पोर्ट्स डेस्क: FIFA World Cup 2026 में अमेरिका (USA) को अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में तुर्की के खिलाफ 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि यह हार अमेरिकी टीम के अभियान पर कोई असर नहीं डाल सकी क्योंकि टीम पहले ही ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर नॉकआउट चरण के लिए क्वालिफाई कर चुकी थी।
मुकाबले के बाद अमेरिकी कोच Mauricio Pochettino ने हार से ज्यादा उन प्रतिक्रियाओं पर नाराजगी जताई, जिनमें इस नतीजे को टीम के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा था। उनका कहना था कि असली लक्ष्य ग्रुप मैच जीतना नहीं बल्कि विश्व कप जीतकर इतिहास रचना है।
आखिरी सेकंड में तुर्की ने पलटा मुकाबला
कैलिफोर्निया के इंगलवुड में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में तुर्की ने इंजरी टाइम के आठवें मिनट में निर्णायक गोल कर अमेरिका को 3-2 से हरा दिया। तुर्की के लिए यह टूर्नामेंट की पहली और आखिरी जीत रही, जबकि अमेरिका पहले ही अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर चुका था।
मैच का फैसला अंतिम किक पर हुआ जब Kaan Ayhan ने शानदार गोल कर अपनी टीम को जीत दिलाई। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और अंतिम मिनट तक दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
अमेरिका ने बदली पूरी प्लेइंग इलेवन
चूंकि अमेरिका पहले ही ग्रुप में नंबर-1 स्थान सुनिश्चित कर चुका था, इसलिए कोच Mauricio Pochettino ने अपनी टीम में बड़े बदलाव किए। उन्होंने नौ नए खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में मौका दिया, जिनमें से आठ खिलाड़ी पहली बार विश्व कप के किसी मैच में शुरुआती टीम का हिस्सा बने।
कोच का उद्देश्य अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देना, किसी भी चोट से बचाना और नॉकआउट मुकाबलों से पहले पूरी टीम को मैच अनुभव देना था। इसी रणनीति के तहत टीम ने अपेक्षाकृत युवा खिलाड़ियों को मैदान में उतारा।
Sebastian Berhalter ने दिलाई बराबरी
मैच के दूसरे हाफ की शुरुआत में अमेरिका के Sebastian Berhalter ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद ऐसा लग रहा था कि अमेरिका ग्रुप चरण बिना किसी हार के समाप्त करेगा। लेकिन इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में तुर्की ने बाजी पलट दी।
हालांकि हार के बावजूद अमेरिकी टीम ग्रुप की टॉप टीम बनी रही और उसका अगला मुकाबला अब राउंड ऑफ-32 में बोस्निया-हर्जेगोविना से होगा।
Pochettino क्यों हुए नाराज?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में Mauricio Pochettino ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि ग्रुप जीतने पर किसी ने टीम को बधाई नहीं दी। उन्होंने कहा कि लोग केवल हार पर चर्चा कर रहे हैं, जबकि टीम ने अपने बड़े लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता खिलाड़ियों को सुरक्षित रखना, चोट से बचाना और अगले दौर के लिए तैयार रहना था। जीत हमारी इच्छा जरूर थी, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए कुछ कठिन फैसले लेने पड़े।
'इतिहास ग्रुप जीतने से नहीं बनता'
Pochettino ने स्पष्ट कहा कि इतिहास बनाने का मतलब केवल ग्रुप स्टेज में शीर्ष पर रहना नहीं है। उनका मानना है कि वास्तविक उपलब्धि विश्व कप जीतना होगी। उन्होंने कहा कि अगर टीम ने ग्रुप जीत लिया है तो यह भी बड़ी सफलता है और लोगों को इसका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छोटी बातों पर ध्यान देने के बजाय पूरी तस्वीर देखनी चाहिए। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर फैसला लंबी रणनीति को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
अब नॉकआउट मुकाबले पर नजर
अमेरिका अब राउंड ऑफ-32 में Bosnia-Herzegovina के खिलाफ मैदान में उतरेगा। यह मुकाबला अमेरिकी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यहां से हार का मतलब सीधे टूर्नामेंट से बाहर होना है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि Pochettino अपनी पूरी मजबूत टीम के साथ उतरेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रुप चरण में खिलाड़ियों को रोटेट करने का फैसला आगे चलकर टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि प्रमुख खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहेंगे।
तुर्की ने सम्मान के साथ खत्म किया अभियान
हालांकि तुर्की नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सका, लेकिन अमेरिका जैसी मजबूत टीम को हराकर उसने अपने अभियान का सकारात्मक अंत किया। अंतिम मिनट में मिली यह जीत टीम और उसके समर्थकों के लिए यादगार साबित हुई।
निष्कर्ष
FIFA World Cup 2026 में अमेरिका की तुर्की के खिलाफ 3-2 की हार भले ही रिकॉर्ड में दर्ज हो गई हो, लेकिन टीम का मुख्य उद्देश्य सफल रहा क्योंकि उसने ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया। अब सभी की नजरें राउंड ऑफ-32 पर हैं, जहां अमेरिका अपनी विश्व कप जीतने की महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ाने उतरेगा। वहीं Mauricio Pochettino का मानना है कि असली इतिहास नॉकआउट मुकाबलों और फाइनल जीतने से लिखा जाता है, न कि केवल ग्रुप स्टेज के परिणामों से।

