Luca Zidane, Zinedine Zidane Son, Algeria Goalkeeper Zidane: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जहां एक तरफ लियोनेल मेसी, किलियन एम्बाप्पे और एर्लिंग हालांड जैसे सुपरस्टार चर्चा में हैं, वहीं एक ऐसा नाम भी सुर्खियां बटोर रहा है जिसकी पहचान उसके महान पिता से जुड़ी हुई है। यह नाम है लुका जिदान (Luca Zidane) का, जो फ्रांस के महान फुटबॉलर ज़िनेदिन जिदान (Zinedine Zidane) के बेटे हैं और इस समय अल्जीरिया की राष्ट्रीय टीम के गोलकीपर के रूप में फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेल रहे हैं।
कौन हैं लुका जिदान?
28 वर्षीय लुका जिदान का जन्म फ्रांस में हुआ था, लेकिन उनका बचपन स्पेन में बीता। जब उनके पिता ज़िनेदिन जिदान 2001 में रियल मैड्रिड से जुड़े थे, तब परिवार स्पेन चला गया था। बाद में जिदान ने रियल मैड्रिड के कोच के रूप में भी ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जिसके दौरान लुका ने फुटबॉल के माहौल में अपनी परवरिश पाई।
लुका ने शुरुआत में फ्रांस की युवा टीमों का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन 2025 में उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय निष्ठा बदलकर अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। इसके पीछे पारिवारिक जड़ें थीं, क्योंकि उनके दादा-दादी अल्जीरिया में पैदा हुए थे।
अल्जीरिया के लिए खेलना क्यों चुना?
हालांकि लुका जिदान फ्रांस में जन्मे और स्पेन में बड़े हुए, लेकिन उनका अल्जीरिया से भावनात्मक रिश्ता हमेशा बना रहा। उनके पिता ज़िनेदिन जिदान की पारिवारिक जड़ें अल्जीरिया से जुड़ी हैं।
2025 में लुका ने आधिकारिक तौर पर अल्जीरिया की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलने का फैसला किया और अक्टूबर 2025 में उन्होंने सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके बाद उन्हें अफ्रीका कप ऑफ नेशंस और फिर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम में शामिल किया गया।
गंभीर चोट के बाद वर्ल्ड कप में वापसी
लुका जिदान का वर्ल्ड कप खेलना लगभग खतरे में पड़ गया था। अप्रैल 2026 में स्पेनिश क्लब ग्रेनाडा के लिए खेलते हुए अलमेरिया के खिलाफ मुकाबले में उनकी टक्कर थालिस नामक खिलाड़ी से हो गई थी।
इस दुर्घटना में उन्हें जबड़े में फ्रैक्चर, ठुड्डी पर गंभीर चोट और कंकशन (Concussion) हुआ था। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि वह वर्ल्ड कप से बाहर हो सकते हैं।
हालांकि कड़ी मेहनत और तेज रिकवरी के बाद लुका समय पर फिट हो गए और अल्जीरिया की शुरुआती एकादश में जगह बनाने में सफल रहे। आज भी वह मैदान पर एक विशेष सुरक्षात्मक फेस मास्क पहनकर खेलते हैं।
मेसी के खिलाफ मिला बड़ा मंच
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अल्जीरिया का पहला मुकाबला गत चैंपियन अर्जेंटीना से था। इस मैच में दुनिया की नजरें लियोनेल मेसी पर थीं, लेकिन लुका जिदान भी चर्चा का बड़ा विषय बने हुए थे।
कैनसस सिटी में खेले गए इस मुकाबले में मेसी ने शानदार हैट्रिक लगाकर अर्जेंटीना को 3-0 से जीत दिलाई। हालांकि अल्जीरिया हार गया, लेकिन लुका जिदान के लिए यह मैच उनके करियर का सबसे बड़ा मंच साबित हुआ।
मेसी ने रचा इतिहास
इस मुकाबले में लियोनेल मेसी ने अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में छह विश्व कप खेलने वाले पहले फुटबॉलर बन गए।
मेसी की हैट्रिक ने उन्हें जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े के 16 वर्ल्ड कप गोलों के रिकॉर्ड की बराबरी पर पहुंचा दिया। ऐसे ऐतिहासिक मैच में गोलपोस्ट के सामने खड़े खिलाड़ी के रूप में लुका जिदान भी इतिहास का हिस्सा बन गए।
पिता की विरासत और अपनी पहचान
ज़िनेदिन जिदान को फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने फ्रांस को 1998 विश्व कप जिताया और बाद में रियल मैड्रिड को लगातार तीन यूईएफए चैंपियंस लीग खिताब दिलाए।
ऐसे में लुका जिदान पर हमेशा अपने पिता की विरासत का दबाव रहा है। लेकिन अब वह धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्जीरिया के लिए खेलना और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर उतरना उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
आगे क्या?
अल्जीरिया को ग्रुप चरण में अभी ऑस्ट्रिया और जॉर्डन जैसी टीमों का सामना करना है। टीम को अगले दौर में पहुंचने के लिए बेहतर प्रदर्शन की जरूरत होगी।
लुका जिदान के सामने भी खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। भले ही उनके नाम के साथ "जिदान" जुड़ा हो, लेकिन अब दुनिया यह देखना चाहती है कि क्या वह अपने पिता की तरह फुटबॉल जगत में स्थायी छाप छोड़ पाएंगे।
फिलहाल इतना तय है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने लुका जिदान को वैश्विक मंच पर ला खड़ा किया है और आने वाले वर्षों में उनका नाम अल्जीरियाई फुटबॉल का बड़ा चेहरा बन सकता है।

